Sawan 2026: बाबाधाम देवघर में शिवलिंग स्पर्श नहीं कर सकेंगे अब?

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ के ज्योर्तिलिंग की स्पर्श पूजा को लेकर इस सावन में भक्तों के बीच एक नई चर्चा शुरू हो गई है। भक्तों का मानना है कि इस बार साव
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ के ज्योर्तिलिंग की स्पर्श पूजा को लेकर इस सावन में भक्तों के बीच एक नई चर्चा शुरू हो गई है। भक्तों का मानना है कि इस बार सावन के दौरान अरघा हटाया नहीं जाएगा, जिससे उन्हें शिवलिंग का स्पर्श करने का अवसर नहीं मिलेगा। 30 जुलाई से सावन की शुरुआत हो रही है और इस विषय पर भक्तों में काफी उत्सुकता है। हर साल सावन में लाखों भक्त बिहार के भागलपुर स्थित सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर की यात्रा करते हैं, लेकिन इस बार उन्हें यह जानने की जरूरत है कि क्या वास्तव में अरघा हटेगा या नहीं। इस चर्चा के चलते भक्तों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे कई लोग देवघर पहुंच रहे हैं। ऐसे में यह जानना आवश्यक हो गया है कि इस बार की व्यवस्था क्या होगी।
इस विषय पर 'अमर उजाला' ने देवघर के पंडा धर्म रक्षिणी सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चन्द्र शेखर खवाड़े से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह केवल अफवाह है और सावन में हमेशा की तरह अरघा लगाकर जलार्पण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक अरघा नहीं लगाया गया है, और सावन के बाद भी इसे हटाने की कोई योजना नहीं है। खवाड़े ने यह भी बताया कि इस बार भक्तों के लिए एक नई सुविधा दी जा रही है। जो भक्त शीघ्रदर्शनम या सामान्य कतार के माध्यम से मुख्य अरघा तक नहीं पहुंचना चाहते हैं, उनके लिए बाह्य अरघा की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, इस व्यवस्था में गर्भगृह का दर्शन नजदीक से नहीं हो सकेगा, लेकिन जलाभिषेक किया जा सकेगा। यह व्यवस्था निकास गेट के उत्तर में की गई है, जहां बाबा का नीर बहता है।









