Sawan Festival Preparations: सावन में इस बार 4 सोमवारी, लेकिन 17 अगस्त का दिन होगा सबसे खास

जागरण संवाददाता, छपरा(सिवान)। भगवान शिव की आराधना का पवित्र श्रावण (सावन) मास इस वर्ष 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। सावन को लेकर जिले के प्रमुख शिवाल
जागरण संवाददाता, छपरा(सिवान)। भगवान शिव की आराधना का पवित्र श्रावण (सावन) मास इस वर्ष 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। सावन को लेकर जिले के प्रमुख शिवालयों में तैयारियां तेज हो गई हैं। पूरे महीने जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप, शिव नाम संकीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होगा। श्रद्धालु सोमवारी व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे। इस वर्ष सावन में चार सोमवारी पड़ रही हैं। इस बार सावन की तीसरी सोमवारी यानी 17 अगस्त को सोमवार और नागपंचमी एक साथ पड़ रही है। इस दुर्लभ संयोग के कारण सावन का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2003 के बाद पहली बार सोमवार और नागपंचमी का ऐसा संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। भारत मिश्र संस्कृत महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. अंबरीश कुमार मिश्र ने बताया कि सावन का आरंभ श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग के शुभ संयोग में होगा। इस दिन शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, आक के पुष्प और भस्म अर्पित कर जलाभिषेक व रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में श्रद्धापूर्वक भगवान शिव की पूजा और सोमवारी व्रत करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आचार्य अनित शुक्ल ने बताया कि सावन की पहली सोमवारी 3 अगस्त, दूसरी 10 अगस्त, तीसरी 17 अगस्त और चौथी एवं अंतिम सोमवारी 24 अगस्त को होगी। पहली सोमवारी से नवविवाहित महिलाओं का मधुश्रावणी महापर्व भी शुरू होगा। अविवाहित युवतियां योग्य वर की कामना के लिए, जबकि विवाहित महिलाएं पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखेंगी। सावन माह से पहले 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। वहीं 28 अगस्त को रक्षा बंधन के साथ सावन माह का समापन होगा। सावन के पूरे महीने शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
इधर, सावन शुरू होने से पहले शहर से सटे प्रभुनाथ नगर में जलजमाव की समस्या लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। शुरुआती बारिश के बाद ही मोहल्ले की सड़कों पर पानी जमा हो गया है। इससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। जर्जर सड़क और जलभराव के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। प्रभुनाथ नगर के प्रसिद्ध शिव मंदिर के आसपास भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। श्रद्धालुओं को गंदे पानी से होकर मंदिर पहुंचना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। 30 जुलाई से सावन शुरू होने के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सावन शुरू होने से पहले प्रभुनाथ नगर में जल निकासी और सड़क की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर के आसपास जमा पानी की निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सावन में श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।









