Scholarship Crisis in Himachal Pradesh: 34 Thousand Students Affected Due to Aadhaar Seeding Issues

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले 34,088 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति आधार सीडिंग न होने के कारण अटक गई है। स्कूल शिक्षा निद
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले 34,088 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति आधार सीडिंग न होने के कारण अटक गई है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी पात्र विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने बैंक खातों को आधार से लिंक कराने की प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी करें। यदि अगले तीन दिन में यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती है, तो पात्रता होने के बावजूद छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं की जा सकेगी। यह स्थिति उन विद्यार्थियों के लिए बेहद चिंताजनक है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और छात्रवृत्ति पर निर्भर हैं। शिक्षा विभाग ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सभी प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों को पत्र जारी किया है, जिसमें उन्हें इस प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
उच्चतर शिक्षा निदेशालय की निदेशक सुनीता सिंह ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग और डीएनटी वर्ग के विद्यार्थियों की प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक तथा पीएम-यशस्वी छात्रवृत्तियां केवल आधार सीडिंग लंबित होने के कारण रुकी हुई हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो छात्रवृत्ति वितरण में और देरी होगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस पत्र में सुप्रीम कोर्ट के अमित कुमार बनाम भारत संघ मामले के आदेश का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें केंद्र और राज्यों को चार माह के भीतर लंबित छात्रवृत्तियों का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।









