Security Measures in Gorakhpur: कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ोतरी

गोरखपुर में सावन माह की शुरुआत के साथ ही पुलिस प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस बार सुरक्षा
गोरखपुर में सावन माह की शुरुआत के साथ ही पुलिस प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस बार सुरक्षा का ध्यान केवल कांवड़ यात्रा तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि हाईवे, कांवड़ मार्ग, शिव मंदिरों, जलभराव घाटों, रेलवे स्टेशन, होटल, ढाबों और अस्थायी दुकानों तक विस्तारित किया गया है। पुलिस ने अव्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए सत्यापन अभियान को तेज कर दिया है। संवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है, साथ ही प्रमुख कांवड़ मार्गों पर सीसी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए हाईवे पर गश्त बढ़ा दी गई है। कांवड़ यात्रा मार्ग से सटे होटल, ढाबे और अस्थायी दुकानों का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस अधिकारी लगातार यात्रा मार्ग और हाईवे का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं। संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ पीआरवी और मोबाइल टीमें भी सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
गोरखपुर में कांवड़िए बड़हलगंज के सरयू घाट से जल भरकर पिपराइच स्थित मोटेश्वर शिव मंदिर तक लगभग 75 किलोमीटर की पदयात्रा करते हैं। इस पूरे मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से चिह्नित किया गया है। मार्ग पर सीसी कैमरे लगाए जा रहे हैं और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। जिले में कुल 154 प्रमुख शिव मंदिर हैं, जहां सावन के दौरान जलाभिषेक होगा। इनमें से 25 मंदिर ऐसे हैं, जहां प्रत्येक सोमवार को पांच हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं। जिले के नौ मंदिरों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, 14 घाटों से कांवड़िए जल भरेंगे। देवरिया में 10 प्रमुख शिव मंदिर हैं, जिनमें से सात संवेदनशील हैं और दो स्थानों से कांवड़िए जल भरेंगे। कुशीनगर में 25 प्रमुख मंदिर, नौ संवेदनशील मंदिर और छह जलभराव स्थल चिन्हित किए गए हैं।









