Shipki La Trade: छह साल बाद फिर खुलेगा भारत-चीन व्यापार, 72 घंटे तिब्बत में कारोबार करेंगे भारतीय व्यापारी

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के पूह उपमंडल में स्थित शिपकी ला के रास्ते से भारत और चीन के बीच व्यापार का संचालन एक अगस्त से पुनः प्रारंभ होने जा रहा है। यह व्य
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के पूह उपमंडल में स्थित शिपकी ला के रास्ते से भारत और चीन के बीच व्यापार का संचालन एक अगस्त से पुनः प्रारंभ होने जा रहा है। यह व्यापारिक मार्ग छह साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से खुल रहा है, जिससे भारतीय व्यापारी चीन के तिब्बत क्षेत्र में 72 घंटे तक कारोबार करने में सक्षम होंगे। इस महत्वपूर्ण अवसर का उद्घाटन बागवानी एवं राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा किया जाएगा। इस बार के व्यापारिक संबंधों का पुनरुद्धार केवल पूह खंड के स्थानीय व्यापारियों तक सीमित रहेगा। अब तक लगभग 60 व्यापारियों ने इस व्यापारिक गतिविधि के लिए पंजीकरण कराया है, और शुभारंभ के अवसर पर 15 व्यापारियों को तिब्बत भेजा जाएगा। यह व्यापारिक गतिविधि सीमा पार व्यापार को सुचारू बनाने के उद्देश्य से छुप्पन ट्रेड मार्ट के शुभारंभ के साथ शुरू होगी। यह पहल भारतीय व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि इस बार केवल भारतीय व्यापारी ही अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार कर सकेंगे। चीनी कारोबारी इस व्यापार में शामिल नहीं होंगे, जिससे भारतीय व्यापारियों का दबदबा बना रहेगा।
शिपकी ला के रास्ते से भारतीय व्यापारी तिब्बत जाकर अपने सामान बेचेंगे और वहां से वस्तुएं खरीदकर वापस भारत लाएंगे। इस व्यापारिक गतिविधि के तहत, भारतीय व्यापारी 20 प्रकार की वस्तुएं चीन ले जा सकेंगे, जिनमें मुख्य रूप से हथकरघा शॉल, कृषि उपकरण और आयुर्वेदिक दवाइयां शामिल हैं। वहीं, चीन से 35 प्रकार का सामान भारत आयात किया जा सकेगा, जिसमें जूते, याक ऊन और पश्मीना ऊन प्रमुख हैं। यह व्यापारिक मार्ग न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत और चीन के बीच के संबंधों को भी मजबूत करेगा। समय के साथ, मांग के अनुसार निर्यात और आयात की जाने वाली वस्तुओं की सूची में बदलाव भी संभव है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में और भी विविधता आएगी।









