Shooting incident in Bijnor: 28 साल पुरानी रंजिश के चलते हुई फायरिंग, आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। रविवार को गुजरपुरा जसपाल गांव के निवासी चन्द्रशेखर उर्फ शेखर को गिरफ्तार किया गया है।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। रविवार को गुजरपुरा जसपाल गांव के निवासी चन्द्रशेखर उर्फ शेखर को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी 22 जुलाई 2026 को हुई एक गोलीबारी के मामले में की गई है, जिसमें आरोपी ने गवाह के परिवार से 28 साल पुरानी अदालती रंजिश का बदला लेने के लिए संजय कुमार के घर में घुसकर उनकी मां को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर नगीना रोड से घटना में इस्तेमाल किए गए दो अवैध 315 बोर तमंचे, दो खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। संजय कुमार की तहरीर पर बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी और पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की।
पूछताछ के दौरान आरोपी चन्द्रशेखर ने बताया कि उसके पिता लल्लू सिंह को 1991 के दुष्कर्म और अपहरण मामले में 1998 में सजा हुई थी। उस मुकदमे में संजय कुमार के पिता स्वर्गीय रमेश सिंह गवाह बने थे, जिससे आरोपी ने बदला लेने की योजना बनाई। 22 जुलाई को आरोपी ने पहले प्रवीण सिंह के घर पर फायरिंग की और फिर संजय के घर जाकर उनकी मां को गोली मार दी। इस खौफनाक साजिश ने सभी को चौंका दिया और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। उसने इस्तेमाल किए गए हथियारों को नगीना रोड स्थित एक एचपी पेट्रोल पंप के पास कच्चे रास्ते पर एक शीशम के पेड़ के नीचे छिपा दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि वह पहले एक आपराधिक गैंग का सदस्य रह चुका है और ये तमंचे उसी समय से उसके पास थे। उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट और एससी/एसटी एक्ट शामिल हैं। पुलिस अब उसे न्यायालय में पेश कर रही है, जिससे इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके।









