Legislator's Report Card: सिरसागंज के आलू किसानों की समस्याएं बढ़ी

संजय शर्मा, सिरसागंज (फिरोजाबाद)। सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र, जो 2008 में अस्तित्व में आया, ने अब तक तीन बार चुनाव देखे हैं। इस क्षेत्र में सिरसागंज शहर, शिकोहाब
संजय शर्मा, सिरसागंज (फिरोजाबाद)। सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र, जो 2008 में अस्तित्व में आया, ने अब तक तीन बार चुनाव देखे हैं। इस क्षेत्र में सिरसागंज शहर, शिकोहाबाद, करहल और घिरोर का एक हिस्सा शामिल है। इस सीट पर समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा है, जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। मुख्यमंत्री द्वारा जनसभा करने के बावजूद भाजपा का परचम नहीं लहराया। प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह इस क्षेत्र के निवासी हैं, लेकिन क्षेत्र की विकास की उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हो पाई हैं। आलू उत्पादक क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले इस क्षेत्र में 50 से अधिक शीतगृह हैं, लेकिन हर दूसरे वर्ष किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। यह मुद्दा हर चुनाव में प्रमुखता से उठता है।
वर्तमान विधायक ने चुनाव के दौरान आलू आधारित उद्योग स्थापित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई उद्योग स्थापित नहीं हो पाया है। सड़कों की हालत भी चिंताजनक है। कई गांवों में पेयजल की समस्या बनी हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें भी बदहाल हैं, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है। मदनपुर क्षेत्र के ग्राम नायन से घुड़िया मार्ग पिछले डेढ़ किमी से खराब है, जो लगभग 10 वर्षों से इसी स्थिति में है। यह मार्ग नगला धुरे, सुम्मेरपुर और रामकुंआ को जोड़ता है। मदनपुर से तिलियानी मार्ग भी वर्षों से खराब है। 2016 में हाईवे के किनारे बने रोडवेज बस स्टैंड का अब तक चालू न होना यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बसें यहां नहीं रुकतीं, जिससे रात में आने वाले यात्रियों को शहर तक पहुंचने में कठिनाई होती है। इस क्षेत्र में कई रजवाहा और माइनर हैं, लेकिन समय पर पर्याप्त पानी न मिलने की समस्या किसानों को झेलनी पड़ती है।









