Sisamau MLA Report Card: प्रतिष्ठा की सीट पर बदहाली का राज, सड़क, सीवर और मूलभूत सुविधाओं की चुनौती

कानपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र में 2024 के उपचुनाव ने सपा और भाजपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न खड़ा कर दिया है। भाजपा सरकार क
कानपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र में 2024 के उपचुनाव ने सपा और भाजपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न खड़ा कर दिया है। भाजपा सरकार के बावजूद, सपा ने इस क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। वर्ष 2022 में सपा के इरफान सोलंकी ने चुनाव जीता था, लेकिन उनकी सजा के बाद उनकी पत्नी नसीम सोलंकी ने उपचुनाव में विधायक का पद संभाला। इस विधानसभा क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के मतदाता चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं, लेकिन विकास के मोर्चे पर क्षेत्र आज भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। बाबू का पुरवा, साइकिल मार्केट, लकड़मंडी, देव नगर, बजरिया और कर्नलगंज जैसे इलाकों में नागरिक सुविधाओं की बदहाली लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है। कई स्थानों पर बिजली के पोल जर्जर हो चुके हैं और केवल तारों के सहारे लटके हुए हैं, जिससे बारिश या आंधी के दौरान गिरने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद इन पोलों को बदला नहीं गया है।
सीसामऊ का खुला नाला भी लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बना हुआ है। छह महीने पहले इसी नाले में गिरने से एक बच्ची की मौत हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी नाले को ढकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर हर दिन इस नाले के पास से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, क्षेत्र में सीवर ओवरफ्लो, जलभराव और कूड़े के ढेर भी बड़ी समस्याएं बन चुके हैं। कई गलियों में नालियां जाम होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है, जिससे दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ गई है। व्यापारिक क्षेत्रों में आने वाले ग्राहकों को भी इस स्थिति का सामना करना पड़ता है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। हालांकि, कुछ विकास कार्य भी हुए हैं, जैसे शिव मंदिर परिसर में विधायक निधि से बेंच और टाइल्स लगाई गई हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक ये कार्य पर्याप्त नहीं माने जा सकते।









