Shooting incident in Siwan: तीन युवक घायल, सिपाही निलंबित, पुलिस के सामने सवाल

राज्य ब्यूरो, पटना। सिवान शहर के जेपी चौक पर 25 जुलाई को हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस के समक्ष कई जटिल सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित
राज्य ब्यूरो, पटना। सिवान शहर के जेपी चौक पर 25 जुलाई को हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस के समक्ष कई जटिल सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने और जान-माल व सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए तैनात सिपाही अभिषेक कुमार ने अपनी रायफल से चार राउंड हवाई फायर किए थे। इस घटना के बाद सिपाही को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। लेकिन इस बीच तीन युवकों के घायल होने की खबर ने पूरे मामले को और उलझा दिया है। पुलिस का कहना है कि सिपाही की ओर से की गई हवाई फायरिंग में मौके पर मौजूद भीड़ के किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। दूसरी ओर, घटना के दौरान 17 वर्षीय मो. आरिफ, 22 वर्षीय आकाश कुमार और 20 वर्षीय बुलेट कुमार गौड़ के घायल होने की बात सामने आई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तीनों युवक जेपी चौक से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर दूर अलग-अलग स्थानों पर घायल मिले। ऐसे में पुलिस के सामने अब यह पता लगाना चुनौती है कि तीनों युवकों को चोट कैसे लगी। पुलिस के अनुसार, तीनों घायलों को अलग-अलग स्थानों से बरामद कर इलाज के लिए सिवान सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई है। मो. आरिफ को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है। तीनों युवकों के बयान के आधार पर सिवान नगर थाने में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। अब पुलिस इन बयानों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तीनों युवक घटना के समय कहां थे और किस परिस्थिति में घायल हुए। पुलिस फायरिंग के दौरान मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। घटना में हवाई फायर करने वाले सिपाही अभिषेक कुमार के खिलाफ पुलिस मुख्यालय ने कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सिपाही ने चार राउंड हवाई फायर किए थे। अब विभागीय जांच में फायरिंग की परिस्थितियों और सिपाही की कार्रवाई की भी समीक्षा की जाएगी। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि हवाई फायरिंग से कोई घायल नहीं हुआ तो तीन युवक किस परिस्थिति में घायल हुए। क्या तीनों की चोटें फायरिंग से जुड़ी हैं या घटना के दौरान कोई और वजह सामने आई थी? पुलिस इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है। तीनों घायलों के बयान, प्राथमिकी और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही फायरिंग की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।









