Snakebite incidents in Unnao: सांप के डसने से महिला और युवक की मौत, झाड़फूंक की लापरवाही बनी जानलेवा

उन्नाव जिले में हाल ही में सांप के डसने की दो घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक महिला और एक युवक की जान चली गई। फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के ग्राम रज्जबखेड़ा में 40 व
उन्नाव जिले में हाल ही में सांप के डसने की दो घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक महिला और एक युवक की जान चली गई। फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के ग्राम रज्जबखेड़ा में 40 वर्षीय सुमन को रविवार सुबह लगभग सात बजे सांप ने काट लिया। सुमन अपने घर के बाहर उपले निकालने का काम कर रही थीं, तभी अचानक सांप ने उन पर हमला कर दिया। उनकी हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने में लगे रहे, जिससे उनकी जान नहीं बच सकी। करीब चार घंटे बाद, जब स्वजन उन्हें सीएचसी बांगरमऊ ले गए, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कैसे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर भरोसा करना जानलेवा साबित हो सकता है।
दूसरी घटना हसनगंज क्षेत्र के बड़ा मरहा गांव में हुई, जहां 21 वर्षीय मोहित, जो चाय की दुकान पर काम करता था, को शनिवार देर शाम सांप ने काट लिया। मोहित की हालत बिगड़ने पर परिवार ने उसे सीएचसी ले जाने का निर्णय लिया, लेकिन वहां डॉक्टर ने एंटी स्नेक वेनम देने के बजाय ग्लूकोज चढ़ाने का सुझाव दिया। जब परिवार ने एंटी स्नेक वेनम के बारे में पूछा, तो डॉक्टर ने कहा कि वह उपलब्ध नहीं है। इस पर स्वजन मोहित को लखनऊ के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मोहित की मौत से उसके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। उसकी मां और भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
सीएचसी के अधीक्षक डॉ. नितिन कुमार ने बताया कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है, लेकिन मरीज के स्वजन ने बिना किसी जानकारी के मरीज को जबरदस्ती ले जाने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि घाव की सफाई के बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन परिवार की लापरवाही के कारण समय पर उपचार नहीं हो सका। इसके अलावा, आसीवन क्षेत्र के गांव अजमत नगर में एक अन्य घटना में 24 वर्षीय रामजानकी ने अपने पति से विवाद के बाद कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे मियागंज सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। ये घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि समय पर चिकित्सा सहायता न लेना और पारंपरिक उपायों पर निर्भर रहना कितनी खतरनाक हो सकता है।









