Promises Made, Reality Zero: सोहना में 'अमरूत-दो' योजना अधर में लटकी, 102 करोड़ के फंड का इंतजार; प्यासे हैं लोग

सोहना (गुरुग्राम) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की अटल कायाकल्प व शहरी परिवर्तन मिशन (अमरूत-दो) योजना को अभी तक कोई प
सोहना (गुरुग्राम) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की अटल कायाकल्प व शहरी परिवर्तन मिशन (अमरूत-दो) योजना को अभी तक कोई प्रगति नहीं मिल पाई है। यह योजना 2022 में तैयार की गई थी, जिसका उद्देश्य शहर और उसके आसपास के 13 गांवों को नहरी पानी उपलब्ध कराना था। इस योजना के तहत लोगों को स्वच्छ नहरी पेयजल की सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन यह योजना अब तक केवल कागजों में ही सीमित रह गई है। योजना पर कुल 102 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, योजना के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि, इस योजना की स्थिति अभी भी अधर में लटकी हुई है। लगभग चार वर्ष पहले जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने इस योजना की शुरुआत की थी, जिसमें सोहना शहर के साथ लगते गांवों जैसे लोहटकी, सांप की नगली, लाखुवास, खाइकाबालूदा, रायपुर, जखोपुर, सिरसका आदि को नहरी पानी उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। योजना के तहत कुल 102 करोड़ 57 लाख रुपए खर्च होने की योजना है, जिसमें 93 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
इस योजना के सफल कार्यान्वयन से क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी इलाकों में पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध होने की उम्मीद थी। लेकिन विभाग ने एस्टीमेट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया था, जिसके बाद भी मंजूरी नहीं मिलने के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता खुर्शीद ने बताया कि योजना का डिटेल एस्टीमेट बना कर भेज दिया गया है और फंड उपलब्ध होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल, एक-दो गांवों में नहरी पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन यह स्थिति पूरी योजना की प्रगति के लिए नाकाफी है।









