Solan News: वृंदावन में ध्रुव की कथा का प्रवचन

वृंदावन की प्रसिद्ध कथावाचक श्याम किशोरी ने बद्दी के अमरावती में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन ध्रुव के चरित्र की कथा सुनाई। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री र
वृंदावन की प्रसिद्ध कथावाचक श्याम किशोरी ने बद्दी के अमरावती में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन ध्रुव के चरित्र की कथा सुनाई। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री राम जानकी सेवा ट्रस्ट और हितकारी मानव अधिकार मानव फाउंडेशन द्वारा किया गया। कथा में श्याम किशोरी ने मनु महाराज के दो पुत्रों प्रियव्रत और उतान पाद की कहानी का भी उल्लेख किया। प्रियव्रत ने जंगल में जाकर महात्मा का जीवन अपनाया, जबकि उतानपाद ने दो विवाह किए थे। उनकी पत्नियां सुनीति और सुरुचि थीं। सुनीति के पुत्र ध्रुव थे, जिन्होंने महज पांच वर्ष की आयु में भगवान को प्राप्त किया। वहीं, सुरुचि के पुत्र उत्तम थे, जो जंगल में शिकार के दौरान मारे गए। कथा में यह भी बताया गया कि सुनीति (अच्छी नीति) से किए गए कार्यों का अंत हमेशा अच्छा होता है। एक मां वही कहलाती है जिसका पुत्र ध्रुव जैसा हो।
कथावाचक श्याम किशोरी ने ध्रुव के चरित्र की महिमा का बखान करते हुए बताया कि कैसे एक बालक ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से ईश्वर को प्राप्त किया। यह कथा हमें सही मार्ग पर चलने और अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने आकूति, देवहूति और प्रसूति के दिव्य चरित्रों पर भी प्रकाश डाला। श्याम किशोरी ने बताया कि ध्रुव की कथा सुनने से हमें यह सीख मिलती है कि कठिनाइयों का सामना करते हुए भी हमें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए। इस प्रकार की प्रेरणादायक कथाएं समाज में सकारात्मकता फैलाने का कार्य करती हैं।
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास झा, अमर, रंजीत पांडे, राजेश पांडे, सरोज झा, प्रीतम झा, पिंटू सिंह, और रंजीत श्रीवास्तव शामिल थे। सभी उपस्थित लोगों ने कथा का आनंद लिया और श्याम किशोरी के प्रवचनों से प्रभावित हुए। इस प्रकार की धार्मिक गतिविधियां न केवल आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाती हैं, बल्कि समाज में एकता और सद्भावना को भी बढ़ावा देती हैं। इस कथा के माध्यम से लोगों को अपने जीवन में अच्छे कार्य करने और सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली।









