Zara Hatke: दिन में खेलते-कूदते, रात होते ही पड़ जाते हैं बेजान, इन बच्चों का रहस्य आज भी बना हुआ है पहेली

दुनिया में कई ऐसी घटनाएं घटित होती हैं, जो सुनने में किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती हैं। लेकिन जब यह घटनाएं वास्तविकता में सामने आती हैं, तो हैरानी और भी बढ़ जात
दुनिया में कई ऐसी घटनाएं घटित होती हैं, जो सुनने में किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती हैं। लेकिन जब यह घटनाएं वास्तविकता में सामने आती हैं, तो हैरानी और भी बढ़ जाती है। पाकिस्तान के दो भाइयों की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिन्हें 'सोलर किड्स' के नाम से जाना जाता है। इनकी शारीरिक स्थिति रहस्यमयी है। दिनभर ये दोनों बच्चे पूरी तरह से सामान्य रहते हैं। वे दौड़ते हैं, खेलते हैं, बातें करते हैं और बाकी बच्चों की तरह अपनी दिनचर्या का पालन करते हैं। लेकिन जैसे ही सूर्य अस्त होता है, उनकी पूरी दुनिया बदल जाती है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई रिपोर्ट्स के अनुसार, शाम होते ही दोनों भाइयों का शरीर अचानक काम करना लगभग बंद कर देता है। वे न तो अपने हाथ-पैर हिला पाते हैं, न बोल पाते हैं और न ही अपनी आंखें खोल या बंद कर पाते हैं। यहां तक कि खाना भी उनके लिए संभव नहीं रह जाता। उनकी यह स्थिति वर्षों से डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी दुर्लभ जेनेटिक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर का परिणाम हो सकता है। इस प्रकार की बीमारी शरीर के नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है, जो शरीर को ऊर्जा देने और उसकी गतिविधियों को नियंत्रित करने का कार्य करता है। हालांकि, अब तक की जांचों के बावजूद डॉक्टर इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं कि आखिर सूर्य ढलने के बाद इन दोनों बच्चों की स्थिति क्यों बिगड़ जाती है। यह मामला मेडिकल साइंस के लिए एक चुनौती बना हुआ है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में मेडिसिन के प्रोफेसर जावेद अकरम ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' से बातचीत में कहा था कि यह मामला मेडिकल साइंस के लिए एक चुनौती जैसा है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की एक टीम ने दोनों भाइयों के कई मेडिकल टेस्ट किए ताकि यह समझा जा सके कि दिन में पूरी तरह सक्रिय रहने वाले ये बच्चे रात होते ही अपनी आंखें क्यों नहीं खोल पाते, क्यों बोल नहीं पाते और खाना खाने में असमर्थ हो जाते हैं।









