Special Force Formation in Pilibhit: अग्निवीरों को टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स में शामिल करने की तैयारी

पीलीभीत में बाघों की सुरक्षा को लेकर एक नई पहल की जा रही है, जिसमें चार साल तक देश सेवा कर चुके अग्निवीरों को स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का हिस्सा बनाया जाएग
पीलीभीत में बाघों की सुरक्षा को लेकर एक नई पहल की जा रही है, जिसमें चार साल तक देश सेवा कर चुके अग्निवीरों को स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का हिस्सा बनाया जाएगा। यह कदम उत्तराखंड सरकार द्वारा हाल ही में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स को मंजूरी देने के बाद उठाया जा रहा है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा था, जिसमें बाघों की सुरक्षा और मानव-बाघ संघर्ष को रोकने के लिए विशेष फोर्स के गठन की आवश्यकता बताई गई थी। स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि अग्निवीरों की मदद से बाघों के संरक्षण में सुधार होगा और मानव-बाघ संघर्ष की स्थिति को भी कम किया जा सकेगा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 80 से अधिक बाघ हैं, और यह क्षेत्र नेपाल, लखीमपुर खीरी और उत्तराखंड की सीमाओं से सटा हुआ है। ऐसे में यहां के वनकर्मियों और वन पुलिस के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं कि वे हर जगह निगरानी रख सकें। इस कारण से विशेष टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का गठन आवश्यक हो गया है। अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि अग्निवीरों को इस फोर्स में शामिल किया जाए, क्योंकि वे कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम होते हैं और उन्हें जंगलों में कार्य करने का अनुभव होता है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 31 नए जवानों और अधिकारियों की नियुक्ति की आवश्यकता है। वर्तमान में, यहां कुल 137 स्वीकृत पदों में से केवल 62 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 75 पद रिक्त हैं। ऐसे में अग्निवीरों की भर्ती से न केवल बाघों की सुरक्षा में मदद मिलेगी, बल्कि वन्यजीवों की अन्य प्रजातियों की सुरक्षा और निगरानी में भी सुधार होगा। यह कदम न केवल बाघों के संरक्षण को सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होगा।









