Stay on demolition of illegal buildings: जौहर विश्वविद्यालय के 38 अवैध भवनों के ध्वस्तीकरण पर रोक

रामपुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने जौहर विश्वविद्यालय के 38 अवैध भवनों के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है। यह आदेश तब आया जब
रामपुर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने जौहर विश्वविद्यालय के 38 अवैध भवनों के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है। यह आदेश तब आया जब रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और जिलाधिकारी ने 15 जुलाई को विश्वविद्यालय के 40 भवनों में से 38 को अवैध ठहराते हुए उन्हें ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इस आदेश के तहत विश्वविद्यालय प्रबंधन को 20 दिन के भीतर इन भवनों को स्वयं ध्वस्त करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस आदेश के खिलाफ 20 जुलाई को कमिश्नर कोर्ट में अपील दायर की थी, साथ ही उच्च न्यायालय में भी अपील की गई थी। दोनों अदालतों में सुनवाई 28 जुलाई को निर्धारित की गई थी, लेकिन मुरादाबाद में एक अधिवक्ता की मृत्यु के कारण उस दिन कंडोलेंस घोषित कर दिया गया। इस स्थिति का लाभ उठाते हुए, विश्वविद्यालय के अधिवक्ता जुनैद एजाज ने एक दिन पहले ही कमिश्नर कोर्ट में सुनवाई के लिए अर्जी लगाई।
कमिश्नर ने इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और जिलाधिकारी के ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगा दी है और अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित की है। यह मामला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सपा महासचिव आजम खां ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान आंजनेय कुमार सिंह के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की थी। आजम खां को इस टिप्पणी के मामले में दो साल की सजा भी हो चुकी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस मामले में आगे कोई राजनीतिक नाटक देखने को मिलेगा। जौहर विश्वविद्यालय के अधिवक्ता जुनैद एजाज ने बताया कि मंडलायुक्त के न्यायालय में ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई थी, जिस पर 28 जुलाई को सुनवाई होनी थी।









