Strengthening Communication Systems with Disaster Friends: आपदा मित्र के साथ संचार तंत्र को बनाएं और सशक्त

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) के उपाध्यक्ष दीपक राठौर ने हाल ही में कहा कि आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपदा मित्रो
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) के उपाध्यक्ष दीपक राठौर ने हाल ही में कहा कि आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आपदा मित्रों के साथ संचार तंत्र को और सशक्त बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह बात कांगड़ा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) कार्यालय के दौरे के दौरान कही, जहां उन्होंने आपदा पूर्व तैयारियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संचार प्रणालियों की विस्तृत समीक्षा की। राठौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपदा मित्रों के प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विशेष ध्यान दें और स्वयंसेवकों की क्षमता वृद्धि पर जोर दें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक आपदा के समय प्रशासन और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं।
राठौर ने जिले के विभिन्न ट्रैकिंग मार्गों पर स्थापित आपदा मित्र स्टेप्स पहल की सराहना की, यह कहते हुए कि इससे पर्यटकों और ट्रैकर्स को सही दिशा मिल रही है और रास्ता भटकने की घटनाओं पर अंकुश लगा है। उन्होंने यह भी बताया कि आपदा मित्रों को उचित पहचान और सम्मान देने से अधिक युवा समाज सेवा से जुड़ेंगे। दौरे के दौरान, उन्होंने वीएचएफ सेट, सैटेलाइट फोन और हैम रेडियो जैसी वैकल्पिक संचार प्रणालियों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इन प्रणालियों का सही उपयोग किया जाए ताकि आपदा के समय संचार में कोई बाधा न आए।
इस अवसर पर एडीसी कांगड़ा विनय कुमार ने आपदा मित्रों के योगदान को सराहा और कहा कि उनकी पहचान और सम्मान से समाज में जागरूकता बढ़ेगी। प्रशिक्षण अधिकारी कुलदीप सिंह ने राहत और बचाव कार्यों में विभिन्न एजेंसियों के साथ डीडीएमए के समन्वय तंत्र की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने से न केवल उनकी क्षमता बढ़ेगी, बल्कि इससे आपदा प्रबंधन में भी सुधार होगा। इस प्रकार, आपदा मित्रों के साथ संचार तंत्र को सशक्त बनाना और उन्हें उचित प्रशिक्षण देना, आपदा प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।









