Strict Action Against Fertilizer Black Marketing: खाद की कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस, किसानों को मिलेगी पर्याप्त उर्वरक

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उन्ह
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और संबंधित विभागों के अधिकारियों को खाद वितरण व्यवस्था को दुरुस्त रखना चाहिए और किसी भी तकनीकी समस्या के आने पर तुरंत सुधार करना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने सभी मंडलों में उर्वरक की उपलब्धता की नियमित निगरानी रखने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार फसल संस्तुति के अनुसार उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रदेश में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और किसानों को भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल अधिक उर्वरक उपलब्ध कराए गए हैं।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जानकारी दी कि वर्तमान खरीफ सीजन में एक अप्रैल से 27 जुलाई तक 28.25 लाख टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है। वर्तमान में 29.05 लाख टन उर्वरक उपलब्ध है, जिसमें 14.77 लाख टन यूरिया, 4.81 लाख टन डीएपी, 4.90 लाख टन एनपीके, 3.46 लाख टन एसएसपी और 1.1 लाख टन एमओपी शामिल हैं। इस प्रकार, सरकार ने किसानों की उर्वरक की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया है। इसके बावजूद, खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं।
कृषि विभाग ने उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और टैगिंग आदि रोकने के लिए एक अप्रैल से 28 जुलाई तक 7462 छापे मारे हैं। इस दौरान 1045 नमूने लिए गए, जिनमें से 25 नमूने अमानक पाए गए। इसके परिणामस्वरूप 556 लाइसेंस निलंबित किए गए, 53 निरस्त किए गए और 705 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा, 15 दुकानों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया और 23 दुकानें सील की गईं। कृषि विभाग ने 34 मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई है और 229.7 टन स्टॉक जब्त किया गया है। इस प्रकार, सरकार ने खाद की कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखते हुए किसानों की हितों की रक्षा करने का संकल्प लिया है।









