Strike of sanitation workers in Tarn Taran: सफाई कर्मियों की हड़ताल का 20वां दिन, नियमितीकरण की मांग पर अड़े कर्मचारी

तरनतारन में सफाई कर्मियों की हड़ताल का 20वां दिन जारी है। नगर कौंसिल के ठेका आधारित सफाई कर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर अपनी हड़ताल जारी रखी है। यूनियन
तरनतारन में सफाई कर्मियों की हड़ताल का 20वां दिन जारी है। नगर कौंसिल के ठेका आधारित सफाई कर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर अपनी हड़ताल जारी रखी है। यूनियन के अध्यक्ष बलविंदर सिंह रिंकू के नेतृत्व में कर्मियों ने नगर कौंसिल के गेट पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से सफाई सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बहुत कम वेतन दिया जा रहा है। रिंकू ने यह भी बताया कि सीवरमैनों को गटर में उतरते समय सुरक्षा किट नहीं दी जाती है और न ही उन्हें वर्दी मुहैया करवाई जाती है। ठेका आधारित कर्मियों को न तो गर्मी और न ही सर्दी में वर्दी मिलती है, जिससे उनकी स्थिति और भी खराब हो गई है।
रिंकू ने कहा कि बरनाला में शांतमई आंदोलन के दौरान महिला सफाई कर्मियों पर बुरी तरह से हमला किया गया था। उन्होंने मांग की कि इस मामले में डीएसपी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि शहर में गंदगी के लिए केवल सरकार ही जिम्मेदार है। इस दौरान कई अन्य सफाई कर्मियों ने भी अपनी आवाज उठाई और अपनी समस्याओं के बारे में बताया। जोगिंदरपाल, राज कुमार, मनदीप कुमार, आशू सिंह, साहिब सिंह, दलीप सिंह, प्रदीप कुमार, बख्शीश सिंह, गुरदयाल सिंह, संतोष कुमारी, राज रानी, सलमा, बबली, कमलेश कुमारी, सोनिया, रेनू, जगीर कौर, मनजीत कौर जैसे कर्मियों ने भी इस प्रदर्शन में भाग लिया और अपनी बात रखी।
सफाई कर्मियों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। उन्होंने सरकार से अपील की है कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाए और उन्हें नियमित किया जाए। यह हड़ताल न केवल सफाई कर्मियों के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। अगर सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो सफाई कर्मियों की यह हड़ताल और भी लंबी खींच सकती है। इस मुद्दे पर स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे प्रदर्शनकारियों में और भी निराशा बढ़ रही है।









