Students and AK-47: छात्रों पर AK-47, क्या ये आतंकी...

भारत की संसद के मॉनसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में गतिरोध जारी है। इस सत्र में नीट पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने सरकार पर कड़ा हमला बोला
भारत की संसद के मॉनसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में गतिरोध जारी है। इस सत्र में नीट पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने सरकार पर कड़ा हमला बोला है। मॉनसून सत्र का दूसरा हफ्ता शुरू हो चुका है, लेकिन लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही ठप है। सोमवार को भी विपक्षी सांसदों ने सदन में जोरदार हंगामा किया, जिससे कार्यवाही आगे बढ़ाना संभव नहीं हो सका। विपक्षी सांसदों का कहना है कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में गृह मंत्री अमित शाह को तुरंत बयान देना चाहिए। केरल के वायनाड से सांसद और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल तक छात्रों के खिलाफ दर्ज हो रही एफआईआर पर चिंता जताई है और सरकार को इस मुद्दे पर घेरने का प्रयास किया है।
प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए सवाल उठाया कि छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ पुलिस का बर्ताव उचित नहीं था और सरकार अपनी आदतों से बाज नहीं आ रही है। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि बिहार और बंगाल में छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, जो कि अत्यंत चिंताजनक है। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल हुई कई लड़कियों के माता-पिता को धमकी भरे फोन आ रहे हैं, जिसमें उनसे पूछा जा रहा है कि उन्होंने अपनी लड़कियों को प्रदर्शन में क्यों भेजा। यह सवाल उठाते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि क्या इस देश में लड़कियों को प्रदर्शन में शामिल होने का अधिकार नहीं है?
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन और AK-47 के इस्तेमाल जैसी बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये लोग आतंकवादी थे? इस प्रकार के बर्ताव के पीछे क्या कारण हैं? वहीं, विपक्षी सांसद संसद में गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग पर अड़े हुए हैं। विपक्षी सांसदों ने लाठीचार्ज के मामले में गृह मंत्री के बयान की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया और विपक्ष की मांगें संसद के कार्यवाही को प्रभावित कर रही हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।









