Students' Release Demanded: छात्रों को रिहा करो, वरना बिहार में होगा बड़ा आंदोलन

पटना से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने सोमवार को पटना में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्
पटना से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने सोमवार को पटना में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने बेउर जेल में बंद छात्र नेताओं और आंदोलनकारियों से मुलाकात की। नेहा बोरा ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो बिहार में छात्र आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो देशभर के छात्र बिहार की ओर कूच करेंगे। यह बयान उस समय आया है जब राज्य में छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर व्यापक असंतोष फैल रहा है। नेहा बोरा ने कहा कि सरकार को छात्रों की रिहाई के लिए सीमित समय दिया गया है, और यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके तहत 30 जुलाई को आइसा और आरवाइए की ओर से पूरे बिहार में राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। पालीगंज विधानसभा क्षेत्र में चक्का जाम का भी प्रस्ताव रखा गया है।
नेहा बोरा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब तक गिरफ्तार सभी छात्रों की रिहाई नहीं होती और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की वापसी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेल में बंद कई छात्र ऐसे हैं, जो प्रदर्शन में शामिल नहीं थे। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जाति-धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। नेहा बोरा ने बेउर जेल में जनशक्ति जनता दल के प्रमुख पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव, पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, आइसा अध्यक्ष धनंजय, और पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु शेखर समेत अन्य छात्र नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इन गंभीर आरोपों को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। आइसा की कानूनी टीम भी गिरफ्तार छात्रों की रिहाई के लिए प्रयासरत है।









