Suicide of Youth in Telangana: देवरिया के युवक ने नौकरी के 25 दिन बाद की आत्महत्या

तेलंगाना के कोल्हापुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां खामपार के 18 वर्षीय युवक दीपक गुप्ता ने मेघा इंजीनियरिंग कंपनी के आवासीय कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या
तेलंगाना के कोल्हापुर में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां खामपार के 18 वर्षीय युवक दीपक गुप्ता ने मेघा इंजीनियरिंग कंपनी के आवासीय कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना उस समय हुई जब दीपक ने नौकरी शुरू किए हुए केवल 25 दिन ही हुए थे। स्थानीय पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। दीपक गुप्ता, जो खामपार पांडेय टोला का निवासी था, करीब 25 दिन पहले ही इस कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्य करने के लिए कोल्हापुर गया था। सोमवार रात को उसने अपनी ड्यूटी पूरी की और मंगलवार सुबह वापस अपने कमरे में लौटा। सुबह लगभग 10 बजे उसने आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने पर कंपनी के अन्य कर्मचारियों ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। इसके साथ ही, दीपक के बड़े भाई कृष्णा गुप्ता को भी इस घटना की सूचना दी गई, जो हैदराबाद में काम कर रहे थे। कृष्णा घटना स्थल पर पहुंचे और संबंधित थाने में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि आत्महत्या के कारणों की जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह तय नहीं है कि दीपक का शव गांव कब पहुंचेगा।
दीपक के पिता रामविलाश गुप्ता, जो गांव में कपड़े बेचने का काम करते हैं, बेटे की मौत की खबर सुनकर सदमे में हैं। परिवार में कोहराम मच गया है और स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। दीपक की आत्महत्या ने परिवार के सदस्यों को हिला कर रख दिया है, क्योंकि वे विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि उनका बेटा, जो नौकरी के लिए उत्साह के साथ घर से निकला था, महज 25 दिनों में इस तरह दुनिया छोड़ देगा। परिवार के लोग इस घटना के बाद गहरे सदमे में हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। स्थानीय पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और सभी संभावित पहलुओं पर गौर कर रही है। इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ा दी है। सभी लोग दीपक के अचानक चले जाने से स्तब्ध हैं और उसकी यादों में खोए हुए हैं। यह घटना एक बार फिर से यह सवाल उठाती है कि क्या हमारे समाज में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।











