Support for Stray Cattle in UP: 11 जिलों में 14 नए गोसंरक्षण केंद्रों का शुभारंभ

उत्तर प्रदेश में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने 11 जिलों में 14 नए गोसंरक्षण क
उत्तर प्रदेश में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने 11 जिलों में 14 नए गोसंरक्षण केंद्रों का वर्चुअल लोकार्पण किया है। इन केंद्रों के माध्यम से लगभग 5,600 गोवंशों को सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जाएगा। अमेठी में चार केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि चंदौली, गाजीपुर, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर, प्रयागराज, अलीगढ़, प्रतापगढ़, बाराबंकी और शाहजहांपुर में एक-एक केंद्र खोला गया है। यह केंद्र निराश्रित गोवंशों के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करेंगे, जहां उन्हें आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी।
इन नए गोसंरक्षण केंद्रों में चारा, स्वच्छ पेयजल और पशु चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, जो गोवंशों की देखभाल के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के इंटरनेट मीडिया सेल का भी शुभारंभ किया गया, जिससे विभाग की गतिविधियों और योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा। वर्तमान में प्रदेश में 6,510 गोआश्रय स्थलों में लगभग 11.75 लाख निराश्रित गोवंश सुरक्षित हैं, जो इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
राज्य में अब तक 632 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 507 का निर्माण पूरा हो चुका है और 480 केंद्र वर्तमान में संचालित हैं। राज्य मंत्री कृष्णा पासवान ने बताया कि गोआश्रय स्थलों को स्वावलंबी बनाने के लिए गोबर से विभिन्न उत्पादों का निर्माण और सीबीजी इकाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसमें स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। इस प्रकार, यह पहल न केवल गोवंशों के संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगी।









