Supreme Court's Decision Not Acceptable: CJP Spokesperson Saurav Das Calls for Immediate Release of Protesters

नई दिल्ली। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामलों में दर्ज सभी एफआईआर को वापस लेने और सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार पर
नई दिल्ली। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामलों में दर्ज सभी एफआईआर को वापस लेने और सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही काॅकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की बेचैनी अब सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले से और बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले सभी नाबालिगों और युवाओं को रिहा करे। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा है कि मामलों की गंभीरता को देखते हुए सभी मामलों की निष्पक्ष जांच जारी रहनी चाहिए। इस पर सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो सीजेपी देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेगी।
सीजेपी का यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश में एक महत्वपूर्ण मोड़ ले चुका है, क्योंकि पार्टी सभी एफआईआर को एक साथ वापस लेने और सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग कर रही है, जिसमें कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के प्रदर्शनकारी भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि ऐसे प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर हमले किए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से सीजेपी को यह चिंता सता रही है कि उनकी मांगों को मानने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की इस कोशिश में वे पिछड़ सकते हैं। सीजेपी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो दिल्ली में एक बार फिर बड़ा आंदोलन होगा।
पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री और सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस मुद्दे पर कहा कि यदि किसी को अपने मनोनुकूल फैसला नहीं मिलता है, तो अदालत पर उंगली उठाना आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया है। सीजेपी के प्रमुख प्रवक्ता सौरव दास ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें शक है कि सरकार कोर्ट का उपयोग कर सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मांगें पहले पूरी की जानी चाहिए, उसके बाद ही सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना चाहिए। दास ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार मंगलवार तक सभी प्रदर्शनकारियों की रिहाई की लिखित गारंटी देगी। सीजेपी की चिंता इस बात को लेकर भी है कि दिल्ली पुलिस ने अब तक 989 आपराधिक प्रवृत्ति के प्रदर्शनकारियों की पहचान की है, जो उनके आंदोलन में शामिल थे। सीजेपी का कहना है कि भाजपा और संघ के इशारे पर उनके आंदोलन में अराजक तत्व शामिल हो गए हैं, जो आंदोलन के स्वरूप को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। अब सीजेपी इन प्रदर्शनकारियों को बचाने के लिए फिर से आंदोलन की चेतावनी दे रही है।









