Supreme Court's Decision on Protests: 18 साल से कम उम्र के छात्रों को तुरंत रिहा करने का आदेश

नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसमें दिल्ली और सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे 18 वर्ष से कम उम्र के
नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसमें दिल्ली और सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे 18 वर्ष से कम उम्र के उन सभी छात्रों को तुरंत रिहा करें, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। यह आदेश उन छात्रों के लिए है जिनका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुलिस को प्रदर्शन से संबंधित सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया गया है, ताकि मामले की उचित जांच की जा सके। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब देशभर में NEET परीक्षा को लेकर छात्रों के प्रदर्शन बढ़ रहे हैं। अदालत ने यह भी कहा कि छात्रों के खिलाफ पुलिस की ज्यादतियों की जांच के लिए एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है। इस आदेश के बाद, छात्रों और उनके परिवारों में राहत की लहर दौड़ गई है, क्योंकि कई छात्र अपने भविष्य के लिए चिंतित थे।
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय उस समय आया है जब विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा किए गए अत्याचारों की कड़ी निंदा की है। 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस ने पेलेट गन का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद से इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। विपक्ष ने इस कार्रवाई को अत्यधिक बल प्रयोग मानते हुए सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की ज्यादती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह आदेश न केवल छात्रों के लिए बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक बड़ी जीत मानी जा रही है।









