Supreme Court stays High Court order: रेव पार्टी मामले में हिमाचल हाई कोर्ट के आदेश पर SC ने लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को 2025 के रेव पार्टी मामले में राहत प्रदान की है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने हिमाचल हाई कोर्ट के उस आदेश पर र
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को 2025 के रेव पार्टी मामले में राहत प्रदान की है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने हिमाचल हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें कुल्लू के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित करने का निर्देश दिया गया था। इन अधिकारियों पर रेव पार्टियों की अनुमति देने में कथित भूमिका का आरोप लगाया गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया, जिसमें उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा और एसपी मदन लाल का राज्य के दूसरे जिलों में तबादला किया गया था। यह मामला तब सामने आया जब 24 जून को हिमाचल हाई कोर्ट ने कुल्लू जिले में बड़े पैमाने पर आयोजित रेव पार्टियों के आयोजकों और जिला अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत के मामले पर गंभीरता से संज्ञान लिया था। हाई कोर्ट ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले, प्राथमिकी दर्ज करने और कम से कम डीआइजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एसआइटी गठित करने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना शामिल थे। उन्होंने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से पेश हुईं वरिष्ठ वकील माधवी दीवान की दलीलों पर गौर किया। दीवान ने कहा कि आयोजकों के पास शराब का लाइसेंस था और उन पर किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि या गलत काम करने का आरोप नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि बगैर किसी सुनवाई के अधिकारियों का तबादला कर दिया गया और प्राथमिकी व एसआइटी जांच से उन पर दाग लगेगा। पीठ ने कहा कि परिसर से कोई नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। इसके बावजूद, पीठ ने उपायुक्त, एसपी और एसडीएम के तबादले के आदेश को बरकरार रखा है, क्योंकि वे इसका विरोध नहीं कर सकते। पीठ ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश पर रोक लगा दी है।









