Survivor at Sea: एक महीने तक समुद्र में भटकने के बाद बचा काई सातो

समुद्र के बीच अगर किसी की नाव टूट जाए, फोन बंद हो जाए और आसपास मदद का कोई रास्ता न दिखे, तो शायद ही कोई लंबे समय तक जिंदा रह पाए। लेकिन अमेरिका के कैलिफोर्निया
समुद्र के बीच अगर किसी की नाव टूट जाए, फोन बंद हो जाए और आसपास मदद का कोई रास्ता न दिखे, तो शायद ही कोई लंबे समय तक जिंदा रह पाए। लेकिन अमेरिका के कैलिफोर्निया के रहने वाले 39 साल के काई सातो ने ऐसी ही हालत में करीब एक महीने तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया। 7 जून को काई ने कैलिफोर्निया के कैटालिना आइलैंड से अपनी छोटी सेलबोट लेकर यात्रा शुरू की थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन लगभग दो हफ्ते बाद उनकी नाव का मस्तूल टूट गया। इसके बाद नाव का ईंधन भी खत्म हो गया और मोबाइल फोन की बैटरी भी पूरी तरह खत्म हो गई। अब उनके पास न किसी से संपर्क करने का तरीका था और न ही नाव को सही दिशा में ले जाने का। काई ने बताया कि उनकी नाव समुद्री धाराओं के साथ बहकर शिपिंग लेन से काफी दूर चली गई थी। उन्होंने महसूस किया कि अब शायद कोई उन्हें कभी नहीं ढूंढ पाएगा। कई दिनों तक वह निराश रहे और रोते रहे, यहां तक कि उनके मन में आत्महत्या का विचार भी आया। उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे वह समुद्र के बीच एक बैठे हुए शिकार की तरह हैं, जिसे लहरें जहां चाहें वहां ले जा रही हैं।
हालांकि, काई ने हार नहीं मानी और खुद ही नाव को ठीक करने में जुट गए। उन्होंने पीवीसी पाइप और कयाक के पैडल की मदद से अस्थायी मरम्मत की, ताकि किसी तरह नाव को आगे बढ़ाया जा सके। उनकी कोशिश रंग लाई और धीरे-धीरे वह दोबारा उस समुद्री रास्ते की ओर बढ़ने लगे, जहां बड़े जहाज गुजरते हैं। समुद्र में फंसे रहने के दौरान काई के पास खाने के लिए बहुत कम सामान बचा था। उन्होंने बचा हुआ ओटमील (दलिया) खाकर गुजारा किया। इसके अलावा जो मछलियां और स्क्विड (समुद्री जीव) खुद उछलकर उनकी नाव में आ जाते थे, उन्हें खाकर उन्होंने अपनी भूख मिटाई। सबसे बड़ी चुनौती पानी की थी। पीने का साफ पानी खत्म होने पर उन्होंने समुद्री पानी से बनने वाली नमी को एक बाल्टी में इकट्ठा किया और उसी को चाट-चाटकर अपनी प्यास बुझाई।









