Suspected Terrorist in UP: संदिग्ध आतंकी के मोबाइल से मिले पाकिस्तानी हैंडलर्स के नंबर

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने हाल ही में राजस्थान से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी शहरोज से गहन पूछताछ करने की योजना बनाई है। विशेष न्याया
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने हाल ही में राजस्थान से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी शहरोज से गहन पूछताछ करने की योजना बनाई है। विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने संदिग्ध आतंकी को पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) पर भेजा है। प्रारंभिक जांच में एटीएस को शहरोज के मोबाइल फोन से कुछ महत्वपूर्ण डेटा प्राप्त हुआ है, जिसमें पाकिस्तानी हैंडलर्स के नंबर शामिल हैं। एटीएस की टीम इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि ये नंबर किसके द्वारा उपयोग किए जा रहे थे और इनका संबंध किस प्रकार की गतिविधियों से है। यह जानकारी आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
शहरोज, जो बलरामपुर का निवासी है, को 19 जुलाई को पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी के इशारे पर काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे विस्फोटक सामग्री और हथियारों की खरीद के लिए राजस्थान भेजा गया था, लेकिन एटीएस ने उसे गिरफ्तार कर लिया इससे पहले कि वह अपने इरादों को अंजाम दे सके। यह गिरफ्तारी न केवल शहरोज के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही हैं। एटीएस ने शहरोज के मोबाइल से कई वीडियो भी बरामद किए हैं, जो संभावित रूप से आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित हो सकते हैं।
आरोपित शहरोज मुंबई में कपड़ों पर कढ़ाई का काम करता था और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी के संपर्क में आया था। उसके बाद भट्टी ने उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के हैंडलर्स से मिलवाया। पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देश पर, शहरोज भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक स्लीपर सेल तैयार कर रहा था। एटीएस की टीम बुधवार को शहरोज से पूछताछ करने की योजना बना रही है, जिससे उन्हें उसके करीबी लोगों के बारे में भी जानकारी प्राप्त हो सके। इस मामले में और भी कई सुराग मिलने की उम्मीद है, जो आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।









