Suspicious Drugs Seized: गयाजी में नकली दवा का बड़ा खुलासा

गयाजी में दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए गए अभियान ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सेंट्रल ब्यूरो आफ नारकोटिक्स (सीबीएन) द्वारा 23 से 27 जुलाई के ब
गयाजी में दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए गए अभियान ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सेंट्रल ब्यूरो आफ नारकोटिक्स (सीबीएन) द्वारा 23 से 27 जुलाई के बीच चलाए गए ऑपरेशन स्प्यूरियस के दौरान लगभग 2.50 करोड़ रुपये मूल्य की संदिग्ध दवाएं बरामद की गईं। इस कार्रवाई में चार गोदामों को सील किया गया और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि अब उनकी जांच का फोकस इस बात पर है कि इन दवाओं की सप्लाई कहां तक फैली हुई थी। सीबीएन, जिला औषधि प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने मानपुर, मुरारपुर और बोधगया में छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, बरामद दवाओं की गुणवत्ता की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही की जाएगी। हालांकि, बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाओं के साथ पैकिंग सामग्री मिलने से जांच का दायरा और भी बढ़ गया है।
इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मुरारपुर में रहा, जहां कोतवाली थाना क्षेत्र में चार गोदामों पर एक साथ कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब 17.50 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त की गईं। गोदाम संचालक सुमित बरनवाल और संजय कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। इससे पहले मानपुर के बुनियादगंज थाना क्षेत्र से भी करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं बरामद की गई थीं। जिला औषधि नियंत्रक डा. सच्चिदानंद विक्रम ने बताया कि कार्रवाई का मुख्य फोकस ऑक्सीटोसिन के कथित अवैध निर्माण और आपूर्ति पर है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ऑक्सीटोसिन सहित अन्य दवाओं की सप्लाई बिहार के अलावा अन्य राज्यों में भी की जा रही थी। अब जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के स्रोत और सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हुई हैं।









