Task Force on Leak-Proof Exams: परीक्षा लीक-प्रूफ बनाने के लिए टास्क फोर्स का गठन

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। केंद्र सरकार के द्वारा परीक्षा सुधारों के लिए गठित टास्क फोर्स के सदस्य और आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी ने सोमवार को कहा कि परीक्षा
डिजिटल डेस्क, चेन्नई। केंद्र सरकार के द्वारा परीक्षा सुधारों के लिए गठित टास्क फोर्स के सदस्य और आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी ने सोमवार को कहा कि परीक्षाओं के आयोजन में सबसे बड़ी चुनौती प्रश्नपत्र तैयार करने वाले की ईमानदारी और विश्वसनीयता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि कर रहे हैं। कामकोटी ने बताया कि पिछले चार दशकों में सार्वजनिक परीक्षाओं में छात्रों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे इस क्षेत्र में तकनीकी हस्तक्षेप की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में दो समूहों का विश्वसनीय होना अनिवार्य है: प्रश्नपत्र तैयार करने वाले और परीक्षा केंद्रों पर तैनात निरीक्षक। इन दोनों समूहों के बीच विश्वास का निर्माण करना सबसे बड़ी चुनौती है।
कामकोटी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि निरीक्षण के स्तर पर निगरानी के लिए पहले से ही कैमरों का उपयोग शुरू किया जा चुका है, लेकिन प्रश्नपत्र तैयार करने वालों की सत्यनिष्ठा और विश्वसनीयता सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे शिक्षकों की आवश्यकता है जिन पर हम भरोसा कर सकें, जो प्रश्नपत्र तैयार करें और गोपनीयता बनाए रखें। यह टास्क फोर्स कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में नीट पेपर लीक के खिलाफ चले 36 दिनों के आंदोलन के समाप्त होने के एक दिन बाद गठित किया गया था। इस आंदोलन का अंत शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ हुआ था। अब विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ इस टास्क फोर्स का हिस्सा बनेंगे, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सुधार लाना है।









