Tata Group's Financial Milestone: टाटा समूह का मुनाफा 1.7 लाख करोड़ रुपये, कर्जमुक्त हुआ टाटा संस

जमशेदपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाटा समूह ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने शानदार प्रदर्शन के बल पर एक नया इतिहास रच दिया है। समूह का कुल शुद्ध लाभ 52 प्रत
जमशेदपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाटा समूह ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने शानदार प्रदर्शन के बल पर एक नया इतिहास रच दिया है। समूह का कुल शुद्ध लाभ 52 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस उल्लेखनीय सफलता के साथ ही टाटा संस, जो समूह की होल्डिंग कंपनी है, पूरी तरह से कर्जमुक्त हो गई है। इसके अलावा, बोर्ड ने अपने शेयरधारकों के लिए 1,10,717 रुपये प्रति शेयर का लाभांश (डिविडेंड) देने की सिफारिश की है, जो कि निवेशकों के लिए एक सुखद समाचार है।
वाहन क्षेत्र में टाटा मोटर्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 3.41 लाख करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। टाटा मोटर्स के यात्री वाहन विभाग ने देश के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार में 40 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी बनाए रखी है। इसके नेक्सान और पंच मॉडल देश में सबसे पसंदीदा इलेक्ट्रिक वाहनों में से हैं। इसके अलावा, वाणिज्यिक वाहन (सीवी) श्रेणी में कंपनी ने 55 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारी ट्रकों के बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की है। टाटा आटोकाम्प सिस्टम्स, जो टाटा समूह की सहायक कंपनी है, ने भी 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है और यह अब देश की दूसरी सबसे बड़ी ऑटो कंपोनेंट निर्माता बन गई है।
टाटा समूह की एक अन्य प्रमुख कंपनी, टाटा स्टील, ने भी इस अवधि में उल्लेखनीय प्रगति की है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2.34 लाख करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है और भारतीय बाजार में अपनी सबसे अधिक घरेलू डिलीवरी की है। जमशेदपुर और अन्य संयंत्रों में क्षमता विस्तार और आधुनिकीकरण पर निरंतर काम चल रहा है। इसके अलावा, स्टील उत्पादन में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने अपने पहले स्क्रैप-आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस को सफलतापूर्वक चालू किया है। वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा संस का राजस्व सालाना आधार पर 9.1 प्रतिशत बढ़कर 42,367 करोड़ रुपये रहा, जबकि कर पश्चात लाभ (पीएटी) 21.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 31,961 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। समूह स्तर पर कुल राजस्व 7.8 प्रतिशत बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपये (लगभग 185 अरब डॉलर) पर पहुंच गया है।









