Teacher Shortage in Ghaziabad Schools: गाजियाबाद के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी

गाजियाबाद में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी ने शिक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। निपुण भारत मिशन के तहत सरकार बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्र
गाजियाबाद में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी ने शिक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। निपुण भारत मिशन के तहत सरकार बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। जिले के 21 एकल शिक्षक विद्यालयों में केवल एक शिक्षक की तैनाती है, जबकि इन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या 425 तक पहुंच जाती है। ऐसे में शिक्षकों को अन्य कार्यों के लिए स्कूल से बाहर जाना पड़ता है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
गाजियाबाद के नगर क्षेत्र में कुल 93 स्कूल हैं, जहां करीब 230 शिक्षकों की तैनाती है। इन शिक्षकों को न केवल अध्यापन कार्य करना होता है, बल्कि विभागीय कार्य और नियमित अपडेट भी करने होते हैं। इसके अलावा, शिक्षकों को विभिन्न अभियानों, बैठकों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी भाग लेना पड़ता है। शिक्षकों की ड्यूटी विभिन्न परीक्षाओं और अन्य कार्यों में लगाई जाती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विद्यार्थियों को किस प्रकार की शिक्षा मिल रही है।
प्राथमिक विद्यालय सराय पुख्ता की प्रधानाचार्य विमलेश यादव अकेले विद्यालय का संचालन कर रही हैं, जबकि कंपोजिट विद्यालय कैला बालक में 425 विद्यार्थियों के लिए केवल एक शिक्षिका तैनात है। ऐसे में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कई विद्यालयों में अस्थाई शिक्षकों की तैनाती की गई है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकला है। हर साल शिक्षकों की आवश्यकता की सूचना शासन स्तर पर भेजी जाती है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।









