Teenager jumps into river in Gorakhpur: आर्थिक तंगी से आहत किशोरी ने नदी में लगाई छलांग, राहगीर ने बचाई जान

गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक किशोरी ने पढ़ाई छूटने के कारण निराश होकर गोर्रा नदी में कूदने का प्रयास किया। म
गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक किशोरी ने पढ़ाई छूटने के कारण निराश होकर गोर्रा नदी में कूदने का प्रयास किया। मंगलवार की दोपहर, जब वह गौरी घाट के पास पक्का पुल पर पहुंची, तो उसने अपनी जान देने का निर्णय लिया। उसकी इस स्थिति का कारण परिवार की आर्थिक कठिनाइयां थीं, जिसके चलते उसका कक्षा नौ में दाखिला नहीं हो सका। किशोरी की इस दुखद स्थिति को देखकर वहां से गुजर रहे एक युवक ने उसकी जान बचाने के लिए तुरंत नदी में कूदने का साहस दिखाया। युवक ने अपनी जान की परवाह किए बिना किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना न केवल किशोरी के लिए बल्कि उस युवक के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई, जिसने मानवता की मिसाल पेश की।
किशोरी ने पुलिस को बताया कि वह पढ़ाई में बहुत अच्छी थी और उसने हाल ही में आठवीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वह कक्षा नौ में प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसके माता-पिता उसका दाखिला नहीं करा सके। इस बात से आहत होकर उसने आत्महत्या करने का निर्णय लिया। जब किशोरी को बचाने के बाद थानेदार अनूप सिंह ने उससे बात की, तो वह फूट-फूटकर रोने लगी। उसने अपनी इच्छा व्यक्त की कि वह पढ़-लिखकर एक अच्छी नौकरी करना चाहती है, लेकिन गरीबी उसकी राह में सबसे बड़ी बाधा बन गई है।
थानेदार अनूप सिंह ने किशोरी को ढांढस बंधाया और उसकी पढ़ाई जारी रखने का भरोसा दिलाया। उन्होंने किशोरी के परिवार को भी बुलाया और उन्हें समझाया कि उनकी बेटी की शिक्षा को किसी भी हाल में नहीं रोकना चाहिए। थानेदार ने किशोरी को आर्थिक सहायता देने का भी आश्वासन दिया, ताकि वह अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ा सके। किशोरी चार बहनों और एक भाई में दूसरे नंबर की है, और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। इस घटना ने न केवल किशोरी के जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि यह समाज में शिक्षा के महत्व और आर्थिक सहायता की आवश्यकता को भी उजागर करता है।









