Tender Delay in Khoda: खोड़ा की 'भूलभुलैया' गलियों को कब मिलेगी पहचान?

साहिबाबाद के खोड़ा क्षेत्र में विकास योजनाओं की गति बेहद धीमी है। नगर पालिका द्वारा गलियों को पहचान दिलाने के लिए बनाई गई योजना अब तक अधूरी है। इस योजना के तहत
साहिबाबाद के खोड़ा क्षेत्र में विकास योजनाओं की गति बेहद धीमी है। नगर पालिका द्वारा गलियों को पहचान दिलाने के लिए बनाई गई योजना अब तक अधूरी है। इस योजना के तहत खोड़ा की गलियों में लोहे के नाम के बोर्ड लगाने की योजना बनाई गई थी, जिसे मई तक पूरा करने का दावा किया गया था। लेकिन अब मई का महीना बीत चुका है और इसके बाद भी दो महीने से अधिक का समय गुजर चुका है, फिर भी इस योजना के लिए न तो टेंडर जारी हुआ है और न ही गलियों को पहचान मिल सकी है।
खोड़ा में कुल 1,743 गलियों में नाम के बोर्ड लगाने का कार्य किया जाना था, जिसके लिए नगर पालिका को लगभग एक करोड़ रुपये का खर्च उठाना था। अधिकारियों के अनुसार, हर गली में दो बोर्ड लगाने की योजना है, जिससे कुल 3,468 बोर्ड लगाए जाने हैं। एक बोर्ड लगाने में लगभग 2,500 से 3,000 रुपये का खर्च आएगा। इस स्थिति में, स्थानीय निवासियों में निराशा का माहौल है, क्योंकि उन्हें अपनी गलियों की पहचान के लिए लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अवनीश कुमार शुक्ल ने बताया कि जल्द ही गलियों के नाम के लिए बोर्ड लगाने का टेंडर जारी किया जाएगा। इसके बाद खोड़ा में दिशासूचक बोर्ड लगाने का कार्य शुरू होगा। लेकिन जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक खोड़ा की गलियों की पहचान एक सपना ही बनी रहेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की योजनाओं को समय पर पूरा करने की आवश्यकता है, ताकि विकास की गति को तेज किया जा सके और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।









