Tender Halted for Football Ground in High Court: हाई कोर्ट परिसर में फुटबॉल ग्राउंड निर्माण टेंडर पर लगी रोक

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सोमवार को परिसर में प्रस्तावित फुटबाल ग्राउंड के निर्माण के लिए
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सोमवार को परिसर में प्रस्तावित फुटबाल ग्राउंड के निर्माण के लिए जारी टेंडर पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस मामले की सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने राज्य सरकार और हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि वे 10 अगस्त तक इस मामले में अपने जवाब दाखिल करें। यह निर्णय उस समय लिया गया जब झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने इस टेंडर को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। एसोसिएशन का कहना है कि न्यायालय में अधिवक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि उपलब्ध चैंबर उनकी जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे में, फुटबाल ग्राउंड के निर्माण के बजाय अधिवक्ताओं के लिए अतिरिक्त चैंबरों का निर्माण अधिक आवश्यक है।
झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने इस मामले में अपनी चिंताओं को न्यायालय के समक्ष रखा है। एसोसिएशन ने तर्क दिया है कि फुटबाल ग्राउंड का निर्माण अधिवक्ताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक नहीं होगा। इसके विपरीत, अधिवक्ताओं के लिए चैंबरों की कमी को देखते हुए, यह आवश्यक है कि न्यायालय परिसर में चैंबरों का निर्माण किया जाए। न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को निर्धारित की है, जिसमें एसोसिएशन को दोनों पक्षों के जवाब पर 18 अगस्त तक अपना पक्ष दाखिल करने के लिए कहा गया है। इस प्रकार, यह मामला अब न्यायालय की प्राथमिकता बन गया है।
इस मामले की पृष्ठभूमि में, वर्ष 2024 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश द्वारा राज्य सरकार को एक विकास योजना के तहत फुटबाल ग्राउंड, न्यायाधीश आवास, रजिस्ट्री अधिकारियों के आवास और एक आडिटोरियम के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था। इसी प्रस्ताव के आधार पर फुटबाल ग्राउंड के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया था। हालांकि, अब इस टेंडर पर रोक लगने से यह स्पष्ट हो गया है कि अधिवक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह मामला न केवल न्यायालय परिसर के विकास से संबंधित है, बल्कि यह अधिवक्ताओं के अधिकारों और उनकी आवश्यकताओं के प्रति न्यायालय की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।









