Threat to District Supply Officer: सहारनपुर में जिला पूर्ति अधिकारी को फोन पर जान से मारने की धमकी

सहारनपुर में जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) नीरज कुमार को एक फोन कॉल पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का सामना करना पड़ा है। यह घटना 25 जुलाई 2026 की रात करीब
सहारनपुर में जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) नीरज कुमार को एक फोन कॉल पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का सामना करना पड़ा है। यह घटना 25 जुलाई 2026 की रात करीब नौ बजे हुई, जब डीएसओ के सीयूजी नंबर पर एक व्यक्ति ने कॉल की। इस व्यक्ति ने अपना नाम सुरेंद्र सिंघल बताया, जो देवबंद का निवासी है। सुरेंद्र ने डीएसओ से शिकायत की कि उनके बेटे ने उन्हें बताया है कि पिछले आठ महीनों से राशन वितरण का कमीशन राशन डीलरों को नहीं मिला है। इस पर नीरज कुमार ने सुरेंद्र को बताया कि वह कार्यालय में नहीं हैं और उन्हें कार्यालय समय के दौरान संपर्क करने या संबंधित कागजात भेजने की सलाह दी। इसके बाद सुरेंद्र उग्र हो गए और फोन पर अभद्रता करते हुए गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने नीरज कुमार को जान से मारने की भी धमकी दी। इस धमकी से नीरज कुमार मानसिक रूप से आहत हुए हैं और उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस में की।
डीएसओ नीरज कुमार ने अपनी तहरीर में लिखा है कि वह एक लोकसेवक हैं और इस प्रकार की धमकी उनके कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल उन्हें बल्कि अन्य लोकसेवकों को भी डराती हैं। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और सदर बाजार थाने में सुरेंद्र सिंघल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक चंद्रसैन सैनी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपित के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि इस तरह की धमकियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों के बीच चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब किसी लोकसेवक को इस प्रकार की धमकी का सामना करना पड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सरकारी कामकाज में बाधा डाल सकती हैं और इससे लोकसेवकों का मनोबल भी गिरता है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे इस तरह की घटनाओं की सूचना तुरंत दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया जारी है, और पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेंगे।









