Tiger Terror in Sitapur: बाघिन का आतंक जारी, वन विभाग की चिंता बढ़ी

सीतापुर में बाघिन का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। वन विभाग की चिंता इस बात को लेकर है कि बाघिन अपनी लोकेशन लगातार बदल रही है। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार,
सीतापुर में बाघिन का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। वन विभाग की चिंता इस बात को लेकर है कि बाघिन अपनी लोकेशन लगातार बदल रही है। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, बाघिन अपने कुनबे के साथ है और विभिन्न गांवों में उसके पगचिह्न देखे जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने रसुलवा में दो और गंधेरिया व पट्टी में एक-एक पिंजरा लगाने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, बिजुआमऊं में भी एक पड़वा बांधा गया है, ताकि बाघिन को पकड़ने में मदद मिल सके।
रसुलवा गांव में 15 जुलाई को बाघिन के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से वन विभाग ने बाघिन को पकड़ने के लिए कई प्रयास किए हैं। हालाँकि, गंधेरिया में बांधे गए पड़वा को भी बाघिन ने खा लिया है, लेकिन वन विभाग अब तक उसे पकड़ने में सफल नहीं हो सका है। बाघिन की लोकेशन बदलने की इस स्थिति ने वन विभाग के अधिकारियों की चिंता को और बढ़ा दिया है।
इस बीच, विधायक रामकृष्ण भार्गव ने मधवापुर में बने कमांड सेंटर में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और बाघिन को पकड़ने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। वहीं, थानागांव में 21 जुलाई की रात एक चार माह की बालिका को जंगली जानवर ने उठा लिया था, जिसकी अब तक तलाश नहीं हो सकी है। इसके अलावा, 25 जुलाई की रात बैजवारी गांव में एक छह माह की बच्ची को भी जंगली जानवर ने दबोच लिया था, लेकिन मां के शोर मचाने पर वह बच्ची को छोड़कर भाग गया। शनिवार को कर्बलापुरवा गांव में महिलाओं ने बाघिन की दहाड़ सुनने का दावा किया है। वन क्षेत्राधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि कांबिंग की जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।









