Tourism Boost in Kanpur Division: कानपुर मंडल में पर्यटन को मिलेगा नया बूस्ट, 31.80 करोड़ की 25 परियोजनाएं, मंदिरों से ईको-टूरिज्म स्थलों तक होगा विकास

कानपुर मंडल में धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने हाल ही म
कानपुर मंडल में धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने हाल ही में मंडल की पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा की। इस बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 31.80 करोड़ रुपये की लागत वाली 25 पर्यटन विकास परियोजनाओं के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की गई। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य धार्मिक स्थलों का संरक्षण करना, पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और इतिहास को भी संरक्षित किया जाएगा।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि प्रस्तावित परियोजनाएं कानपुर मंडल के छह जिलों में लागू की जाएंगी। इनमें कानपुर नगर की सात, इटावा की पांच, कानपुर देहात की पांच, कन्नौज की तीन, फर्रुखाबाद की तीन और औरैया की दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य फोकस धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, बुनियादी सुविधाओं के विकास और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना है। मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं, जिनकी लागत एक करोड़ रुपये तक है, नवंबर तक पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक स्थल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी सुरक्षित रखना चाहिए।
प्रस्तावित कार्यों में कानपुर नगर के बिठूर स्थित ज्वाला देवी मंदिर, बिल्हौर के शंखुला देवी मंदिर, कल्याणपुर के भूतेश्वर महादेव मंदिर और घाटमपुर के मां फूलमती मंदिर का विकास शामिल है। इसके अलावा, कानपुर देहात में रसूलाबाद के हनुमान धाम, अकबरपुर-रनियां के मां परहुल देवी मंदिर और सिकंदरा के शिव बागेश्वर मंदिर को पर्यटन मानचित्र पर लाने की योजना है। संस्कृति विभाग ने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए भी कई प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं, जिनमें कमालगंज के रामलीला मैदान का पुनर्विकास और फर्रुखाबाद में संग्रहालय की स्थापना शामिल है। इन परियोजनाओं से न केवल सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शैक्षिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।









