Traffic Improvement in Varanasi: एआई तकनीक से 20.75 फीसदी ट्रैफिक सुधार

वाराणसी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक के आगमन के बाद ट्रैफिक प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी
वाराणसी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीक के आगमन के बाद ट्रैफिक प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की दर नोएडा, लखनऊ, आगरा और कानपुर जैसे शहरों की तुलना में अधिक है। गाजियाबाद और प्रयागराज के बाद वाराणसी प्रदेश में ट्रैफिक सुधार के मामले में तीसरे स्थान पर है। यह सुधार आरटीसी परियोजना के तहत विकसित स्वदेशी एआई प्लेटफॉर्म की मदद से संभव हुआ है, जिसने पारंपरिक ट्रैफिक प्रबंधन के तरीके को बदलकर डेटा आधारित और सक्रिय प्रणाली में परिवर्तित कर दिया है। मार्च से लेकर 15 जुलाई 2026 के बीच, वाराणसी कमिश्नरेट में यातायात जाम में 20.75 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
आरटीसी प्लेटफॉर्म, जो गूगल आधारित रियल टाइम ट्रैफिक डेटा का उपयोग करता है, हर दिन हजारों आंकड़ों का विश्लेषण करता है। यह प्लेटफॉर्म प्रमुख मार्गों पर सामान्य दिनों के औसत यात्रा समय का आधार तैयार करता है। इसके बाद, लाइव ट्रैफिक में वाहनों को तय दूरी तय करने में लगने वाले समय की तुलना पुराने आंकड़ों से की जाती है। यदि किसी मार्ग पर यात्रा का समय निर्धारित सीमा से अधिक होता है, तो सिस्टम उसे संभावित जाम वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित कर देता है। इस पूरी प्रक्रिया में गति-यूपी एआई फ्लैगिंग सिस्टम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
यह प्लेटफॉर्म हर दो घंटे में अपडेट होता है, जिससे ट्रैफिक की स्थिति का आकलन किया जा सके और जाम की आशंका वाले मार्गों की तत्काल पहचान की जा सके। इसके बाद संबंधित यातायात अधिकारियों को रियल टाइम अलर्ट भेजे जाते हैं, ताकि मौके पर तुरंत यातायात कर्मियों की तैनाती की जा सके और आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इस प्रकार, वाराणसी में ट्रैफिक प्रबंधन में एआई तकनीक का उपयोग न केवल जाम की समस्या को कम कर रहा है, बल्कि यातायात व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बना रहा है। यह पहल अन्य शहरों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि कैसे तकनीकी नवाचारों के माध्यम से ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार किया जा सकता है।











