Tragic Accident in Kannauj: सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवक को मिनी ट्रक ने कुचला

कन्नौज के तिर्वा में एक युवक की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। 20 वर्षीय सत्यम राजपूत, जो सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देख रहा था, स
कन्नौज के तिर्वा में एक युवक की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। 20 वर्षीय सत्यम राजपूत, जो सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देख रहा था, सुबह दौड़ लगाने के दौरान एक मिनी ट्रक की चपेट में आ गया। यह घटना सोमवार सुबह करीब पांच बजे हुई, जब सत्यम अपने दोस्तों के साथ तिर्वा-इंदरगढ़ मार्ग पर बछर्ज्जापुर गांव के पास दौड़ का अभ्यास कर रहा था। बताया जा रहा है कि मिनी ट्रक के चालक को झपकी आ गई थी, जिसके कारण उसने सत्यम को कुचल दिया। इस हादसे के बाद सत्यम की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से उसके परिवार और गांव के लोग बेहद आक्रोशित हो गए और उन्होंने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। यह जाम लगभग पांच घंटे तक चला, जिससे क्षेत्र में भारी यातायात प्रभावित हुआ। अंततः ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत ने मौके पर पहुंचकर स्वजन को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खुला।
हादसे के बाद, पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। तिर्वा कोतवाली के अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। ग्रामीणों ने चालक की गिरफ्तारी की मांग की, जिसके चलते दोनों तरफ दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। अंततः, जब राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, तब जाकर लोग शांत हुए। एएसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि महिपाल राजपूत की तहरीर पर मिनी ट्रक के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू की गई है।
सत्यम राजपूत के परिवार में मातम छाया हुआ है। उसके माता-पिता ने हमेशा से उसके सेना में भर्ती होने का सपना देखा था। सत्यम की मां मालती देवी और पिता महिपाल राजपूत खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सत्यम का छोटा भाई अंकित और बहनें रंजना और वंदना हैं। सत्यम ने 2025 में अग्निवीर सेना भर्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन परीक्षा में दो नंबर कम आने के कारण उसका चयन नहीं हो पाया था। इसके बावजूद, उसने हार नहीं मानी और रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई के साथ दौड़ लगाने जाता था। उसकी मेहनत और लगन ने उसे विश्वास दिलाया था कि वह अपने माता-पिता का सपना पूरा कर सकेगा। अब उसकी अचानक मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है।









