Tragic Death in Ukraine Drone Attack: कानपुर के सागर गुप्ता की शव का इंतजार

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। कानपुर के शास्त्री नगर निवासी 30 वर्षीय सागर गुप्ता, जो मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफ
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। कानपुर के शास्त्री नगर निवासी 30 वर्षीय सागर गुप्ता, जो मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफिसर के रूप में कार्यरत थे, यूक्रेन के ड्रोन हमले की चपेट में आकर असमय मौत के शिकार हो गए। सागर कार्गो शिप में सामान लेकर टर्की से रूस स्थित पोर्ट के लिए निकले थे। परिजनों के अनुसार, 18 जुलाई को जब उनका जहाज रूसी पोर्ट से महज दो दिन की दूरी पर था, तभी यूक्रेन के ड्रोन हमले से शिप में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें सागर की जान चली गई। घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी परिजन उनके पार्थिव शरीर के कानपुर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। यह घटना न केवल सागर के परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक गहरा सदमा है।
सागर मुंबई की 'एवन नेवीगेटर्स' कंपनी में कार्यरत थे। उनके बड़े भाई मनीष ने बताया कि सागर 14 जून को घर से निकले थे और 17 जून को टर्की से रूस जाने वाले कार्गो शिप पर सवार हुए थे। यात्रा के दौरान उनकी परिजनों से लगातार बात हो रही थी, लेकिन 18 जुलाई के बाद से उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया। परिजनों को इस दुखद घटना का पता तब चला जब 22 जुलाई को शिप के एक अन्य क्रू मेंबर ने घर के पास चाट का ठेला लगाने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर फोन कर सागर की मौत की खौफनाक खबर दी। इस तरह की सूचनाएं न केवल परिवार को बल्कि पूरे समाज को हिला देती हैं।
सागर की मौत की सूचना मिलने के बाद से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि उन्हें स्थानीय पुलिस-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस मदद नहीं मिल पा रही है। डीजी शिपिंग कार्यालय की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ाने और शव को भारत लाने के लिए सागर का पासपोर्ट नंबर मांगा जा रहा है। पासपोर्ट नंबर की तलाश और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए बेबस परिजन लगातार अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। परिजनों का कहना है कि कागजी अड़चनों के कारण शव आने में अभी 7 से 8 दिन का समय और लग सकता है। यह स्थिति न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता होती है।









