Tragic Incident in Auraiya: युवक की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत

बिधूना (औरैया) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार की रात को ग्राम बरुआ बबीना सुखचैनपुर में एक युवक की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो
बिधूना (औरैया) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार की रात को ग्राम बरुआ बबीना सुखचैनपुर में एक युवक की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। 38 वर्षीय देवेंद्र सिंह, जो अर्जुन सिंह के पुत्र हैं, अपने मकान की छत पर टहल रहे थे। इसी दौरान, छत के निकट से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आने के कारण उन्हें करंट लग गया। यह घटना इतनी अचानक हुई कि देवेंद्र को बचाने का कोई मौका नहीं मिला। करंट लगने के बाद वह गंभीर रूप से झुलसकर छत पर गिर पड़े। उनके परिवार के सदस्य तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने परिवार में शोक की लहर दौड़ा दी है। देवेंद्र के भाई रमाकांत सिंह ने बताया कि यह हादसा इतनी तेजी से हुआ कि परिवार के लोग कुछ कर नहीं सके।
कोतवाली प्रभारी विनेश कुमार ने बताया कि इस मामले में आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। यह घटना स्थानीय लोगों के लिए एक चेतावनी है कि वे बिजली की लाइन के नजदीक सावधानी बरतें। गांव में इस घटना के बाद से लोग काफी चिंतित हैं और इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए जागरूकता की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। बिजली विभाग को भी इस मामले में उचित कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और लोगों से अपील की है कि वे बिजली के उपकरणों और लाइनों के प्रति सतर्क रहें।
इस घटना ने न केवल देवेंद्र के परिवार को बल्कि पूरे गांव को प्रभावित किया है। ऐसे हादसे अक्सर तब होते हैं जब लोग बिजली की सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली की लाइनों के पास टहलना या काम करना बेहद खतरनाक हो सकता है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग को मिलकर इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। देवेंद्र की आकस्मिक मौत ने सभी को एक गहरी सोच में डाल दिया है कि हमें अपनी सुरक्षा के प्रति कितना सचेत रहना चाहिए।









