Transport Chaos in Barabanki: सवारी की होड़ में डग्गामार बनीं परिवहन निगम की बसें

बाराबंकी में परिवहन निगम की अनुबंधित बसों के चालकों की मनमानी ने यातायात व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है। लखनऊ की सवारियों को बैठाने के लिए ये चालक अक्सर
बाराबंकी में परिवहन निगम की अनुबंधित बसों के चालकों की मनमानी ने यातायात व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है। लखनऊ की सवारियों को बैठाने के लिए ये चालक अक्सर पटेल तिराहे पर बीच सड़क बसें खड़ी कर देते हैं, जिससे यातायात थम जाता है। एक बस के पीछे दूसरी बस रुकने से व्यस्त तिराहा बस अड्डे में तब्दील हो जाता है और इससे दैनिक यात्रियों और छात्रों को जाम में फंसना पड़ता है। सड़क पर अचानक बस रोकने से हादसे का जोखिम भी बना रहता है। जिले में सिविल लाइन स्थित पुराने बस अड्डे और चौपला के पास नए बस अड्डे से करीब 120 बसों का संचालन होता है, जिनमें 97 अनुबंधित और 15 निगम की बसें शामिल हैं। इसके अलावा डबल डेकर ई-बसें भी हैं। दैनिक यात्रियों की सुविधा के लिए सुबह पांच बजे से बसों का संचालन शुरू हो जाता है। पुराने बस अड्डे से चलने वाली बसें पटेल तिराहे पर डग्गामार वाहनों की तरह सबसे ज्यादा मनमानी करती हैं। सवारी देखते ही चालक बस कहीं भी रोक देते हैं, जिससे यातायात का दबाव बढ़ जाता है। दूसरी बस आगे न आने पाए, इस लिए उसके आगे बेड़ी बस खड़ी कर दी जाती है। लखनऊ जाने वाली सवारियों को बैठाने के लिए कई बसें एक साथ बीच सड़क पर खड़ी हो जाती हैं। यह स्थिति न केवल यातायात को बाधित करती है, बल्कि पीछे से आने वाले वाहन चालकों को भी अचानक ब्रेक लगाने के लिए मजबूर करती है। सबसे गंभीर बात यह है कि जब बस चालकों को सड़क पर बस खड़ी करने से रोकने की कोशिश की जाती है, तो वे अपनी गलती मानने के बजाय राहगीरों और अन्य वाहन चालकों से उलझने पर आमादा हो जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यात्रियों को सुविधा देने के लिए चलने वाली बसें आखिर कब तक सवारी की होड़ में यातायात व्यवस्था के लिए आफत बनी रहेंगी।
डिपो प्रभारी एके अवस्थी ने बताया कि बसों का शेड्यूल तय है और मनमानी की जांच कराई जाएगी, जिसके आधार पर कार्रवाई भी की जाएगी। परमिट नियमों के विपरीत वाहनों का व्यावसायिक संचालन डग्गामारी कहलाता है। नियम और निर्धारित स्थान के अलावा कहीं भी वाहन को सवारी बैठाने और उतारने के लिए रोकना डग्गामारी कहा जाता है। परिवहन और पुलिस विभाग इस पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान कब होगा, यह एक बड़ा सवाल है। बाराबंकी में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। यदि बस चालकों की मनमानी पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक है कि परिवहन निगम इस मामले में सख्त कदम उठाए और बस चालकों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करे। यदि समय रहते इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई, तो बाराबंकी की यातायात व्यवस्था और भी बिगड़ सकती है, जिससे यात्रियों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।









