Transport Crisis in Nuh: 18 लाख की आबादी पर केवल 90 बसें

नूंह जिले की 18 लाख से अधिक जनसंख्या आज भी सार्वजनिक परिवहन की कमी का सामना कर रही है। हरियाणा रोडवेज की बसों की भारी कमी के कारण हजारों यात्री प्रतिदिन निजी बस
नूंह जिले की 18 लाख से अधिक जनसंख्या आज भी सार्वजनिक परिवहन की कमी का सामना कर रही है। हरियाणा रोडवेज की बसों की भारी कमी के कारण हजारों यात्री प्रतिदिन निजी बसों और डग्गामार वाहनों का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं। इस स्थिति का खामियाजा यात्रियों को अधिक किराया चुकाने और अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने के रूप में भुगतना पड़ रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 90 रोडवेज बसें हैं, जिनमें से 25 बसें सरकारी विद्यालयों में बालिका शिक्षा वाहिनी योजना के तहत संचालित हैं। इस प्रकार, नियमित सार्वजनिक परिवहन के लिए केवल 65 बसें ही उपलब्ध हैं, जो इतनी बड़ी जनसंख्या के लिए नाकाफी हैं। नतीजतन, यात्रियों को सुरक्षित और सस्ती यात्रा की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
स्थिति और भी गंभीर हो जाती है क्योंकि नूंह जिला रेल नेटवर्क से भी जुड़ा नहीं है। सड़क परिवहन ही यहां के लोगों का मुख्य सहारा है। केएमपी के साथ प्रस्तावित आर्बिटल रेल कॉरिडोर से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन यह परियोजना अब तक निर्धारित समय से पीछे चल रही है। जुलाई 2025 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन अब तक केवल 60 से 70 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। पिछले वर्ष जून में जिले को पांच नई बीएस-6 रोडवेज बसें मिली थीं, लेकिन पुरानी डी-4 श्रेणी की बसों के बेड़े से बाहर होने के कारण वास्तविक संख्या में कोई वृद्धि नहीं हो सकी। इस प्रकार, बसों की कमी का संकट जस का तस बना हुआ है।
बसों की कमी का सीधा लाभ निजी बस संचालकों और डग्गामार वाहनों को मिल रहा है। चार सवारी क्षमता वाले आटो में 18 से 20 यात्रियों को बैठाकर नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासी विजयपाल, अमित, धर्मपाल, बीर सिंह सहरावत और राजपाल चौधरी का कहना है कि जिले में रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। उनका मानना है कि पर्याप्त सरकारी बसें उपलब्ध होने से लोगों को सुरक्षित, सस्ती और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिलेगी और डग्गामार वाहनों पर भी अंकुश लगेगा। हरियाणा रोडवेज के महाप्रबंधक प्रदीप अहलावत ने कहा कि आमजन को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, और विभाग लगातार बेहतर परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है।









