TRE-3 Paper Leak Case: MBBS डॉक्टर मनीष कुमार गिरफ्तार, 30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग ले जाकर रटवाए गए थे जवाब

बिहार लोक सेवा आयोग (bpsc) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (tre-3) के पेपर लीक मामले में एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी हुई है। आर्थिक अपराध इकाई (eou) ने एमबीबीएस डॉक्टर मनीष
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) के पेपर लीक मामले में एक महत्वपूर्ण गिरफ्तारी हुई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एमबीबीएस डॉक्टर मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है, जो जहानाबाद जिले के परसबिगहा थाना क्षेत्र के नेहालपुर गांव का निवासी है। यह गिरफ्तारी सोमवार को हुई और यह टीआरई पेपर लीक कांड में 296वीं गिरफ्तारी है। जांच के दौरान पता चला है कि डॉक्टर मनीष की दोस्ती इस मामले के मुख्य सरगना संजीव मुखिया के बेटे डॉक्टर शिव से थी। आरोप है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से टीआरई परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने की साजिश रची गई थी।
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, डॉक्टर मनीष को प्रत्येक अभ्यर्थी की सेटिंग के बदले 50 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया गया था। जानकारी के अनुसार, 15 मार्च 2024 को आयोजित होने वाली टीआरई-3 परीक्षा से दो-तीन दिन पहले, डॉक्टर मनीष ने लगभग 30 अभ्यर्थियों को पटना से वाहन द्वारा हजारीबाग स्थित एक होटल ले जाकर उन्हें लीक प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाए। यह सब कुछ इस उद्देश्य से किया गया था कि अभ्यर्थी परीक्षा में सफल हो सकें। अभ्यर्थियों को वहां छोड़ने के बाद, डॉक्टर मनीष वापस पटना लौट आया। इस मामले में उसकी भूमिका और अन्य आरोपियों की भी जांच की जा रही है।
डॉक्टर मनीष ने वर्ष 2021 में एनएमसीएच पटना से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। वह कैमूर जिले में चिकित्सक के पद पर कार्य कर चुका है और वर्तमान में सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर पीजी की तैयारी कर रहा था। आर्थिक अपराध इकाई ने कहा है कि मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला बिहार में शिक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।









