Tribal Students Protest in Dhar: धार में आदिवासी छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षिका पर जातीय भेदभाव और प्रताड़ना के आरोप

धार जिले के तिरला स्थित सांदीपनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के आदिवासी छात्रों ने अपनी शिक्षिका दीपिका शक्तावत पर जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के गंभी
धार जिले के तिरला स्थित सांदीपनी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के आदिवासी छात्रों ने अपनी शिक्षिका दीपिका शक्तावत पर जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को कक्षा 11वीं और 12वीं के दर्जनों छात्रों ने लगभग सात किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त पारुल जैन को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में छात्रों ने शिक्षिका और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस मामले में कई बार लिखित शिकायतें की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। 20 जुलाई को छात्रों के अभिभावकों ने भी प्राचार्य सीमा मिश्रा को एक आवेदन देकर शिक्षिका को हटाने की मांग की थी। छात्रों का आरोप है कि प्राचार्य और संबंधित बीईओ शिकायतों की अनदेखी कर रहे हैं और शिकायत करने वाले विद्यार्थियों को धमका रहे हैं, जिससे विद्यालय में भय का माहौल बन गया है।
कलेक्ट्रेट तक पहुंचने के दौरान छात्रों ने अत्यधिक थकान और तनाव का सामना किया, जिसके कारण चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई। आदिवासी छात्र संगठन और विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षिका दीपिका शक्तावत, प्राचार्य सीमा मिश्रा और संबंधित बीईओ के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन करेंगे। छात्रों का यह प्रदर्शन न केवल उनके अधिकारों के लिए है, बल्कि यह जातिगत भेदभाव के खिलाफ भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रकार के मामलों में उचित कार्रवाई न होने पर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।









