Drone Attack in Ukraine: प्रयागराज का क्रू मेंबर रामचंद्र दुबे लापता

प्रयागराज से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां यूक्रेन में एक व्यापारिक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद रामचंद्र दुबे नामक एक क्रू मेंबर लापता हो गए हैं। यह घटना तब ह
प्रयागराज से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां यूक्रेन में एक व्यापारिक जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद रामचंद्र दुबे नामक एक क्रू मेंबर लापता हो गए हैं। यह घटना तब हुई जब जहाज ओडेसा बंदरगाह के पास था और अचानक रूसी ड्रोन ने हमला कर दिया। इस हमले में चार भारतीय क्रू मेंबर ने समुद्र में कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की, जिसमें से दो को यूक्रेन की नौसेना ने बचा लिया, जबकि रामचंद्र और एक अन्य क्रू मेंबर लापता हो गए हैं। रामचंद्र दुबे के परिवार ने इस घटना के बाद से चिंता और परेशानी का सामना कर रहे हैं। उनके बड़े भाई मुक्तेश्वर ने अपने चाचा के साथ मिलकर दिल्ली जाकर दूतावास से संपर्क किया और प्रधानमंत्री कार्यालय तथा विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई है। परिवार की चिंता इस बात को लेकर है कि रामचंद्र की सुरक्षित वापसी कैसे होगी।
रामचंद्र दुबे, जो झूंसी क्षेत्र के नीबी कला गांव के निवासी हैं, एक साल पहले डेलोशिप मैनेजमेंट प्राइवेट कंपनी में नाविक की नौकरी पर लगे थे। उनके पिता रमेश चंद्र दुबे एक रिटायर फौजी हैं। रामचंद्र ने अपनी मां कल्पना दुबे से 25 जुलाई को बात की थी, जिसके बाद यह घटना 26 जुलाई को हुई। अधिवक्ता अनुज पांडेय ने बताया कि डेलोशिप कंपनी के एक कर्मचारी ने फोन पर जानकारी दी कि जहाज पर ड्रोन हमले के समय चार भारतीय क्रू मेंबर समुद्र में कूद गए थे। इस हमले के बाद से परिवार के सदस्यों ने पीएमओ और विदेश मंत्रालय को संकटकालीन याचिका भेजी है, लेकिन अभी तक कंपनी या सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक सूचना नहीं आई है।
परिवार के सदस्यों ने दिल्ली में यूक्रेन दूतावास से भी संपर्क किया है और रामचंद्र की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इस घटना ने पूरे परिवार को चिंता में डाल दिया है और वे लगातार जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। रामचंद्र के बड़े भाई मुक्तेश्वर ने कहा कि वे किसी भी तरह से अपने भाई की खोज में लगे रहेंगे और उम्मीद करते हैं कि सरकार उनकी मदद करेगी। इस दुखद घटना ने न केवल परिवार को बल्कि पूरे क्षेत्र को भी प्रभावित किया है, जहां रामचंद्र के लापता होने की खबर से सभी लोग चिंतित हैं।











