Ultrasound Center Allegations: अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गलत रिपोर्ट देने का आरोप, मरीज ने की कार्रवाई की मांग

गढ़मुक्तेश्वर के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव भैना के निवासी प्रदीप कुमार शर्मा ने गढ़ नगर स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि
गढ़मुक्तेश्वर के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव भैना के निवासी प्रदीप कुमार शर्मा ने गढ़ नगर स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सेंटर ने उनकी स्वास्थ्य जांच के दौरान गलत और भ्रामक रिपोर्ट जारी की, जिससे उनके परिवार में चिंता और भय का माहौल बन गया। प्रदीप ने 24 जुलाई को गढ़ नगर के स्याना रोड पर स्थित अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांच कराई थी, जिसमें रिपोर्ट में लीवर का अत्यधिक बढ़ना, फैटी लीवर, पित्ताशय में सूजन और तिल्ली का बढ़ना जैसी समस्याएं दर्शाई गईं। इस रिपोर्ट को देखकर उनके परिजन चिंतित हो गए और मरीज की स्थिति को लेकर गंभीर आशंका जताई। प्रदीप ने कहा कि रिपोर्ट पर संदेह होने के कारण उन्होंने मेरठ के एक अन्य डायग्नोस्टिक सेंटर में दोबारा अल्ट्रासाउंड कराया। वहां की रिपोर्ट में पहली रिपोर्ट से भिन्न चिकित्सीय निष्कर्ष सामने आए। दूसरी रिपोर्ट में लीवर की बनावट में बदलाव, पोर्टल एवं स्प्लेनिक शिराओं का फैलाव, तिल्ली का बढ़ना और पेट में हल्का तरल मिलने के साथ क्रॉनिक लीवर डिजीज एवं पोर्टल हाइपरटेंशन की आशंका जताई गई। इसके साथ ही, लीवर फंक्शन टेस्ट सहित अन्य आवश्यक जांच कराने की सलाह दी गई। प्रदीप का कहना है कि यदि पहली रिपोर्ट के आधार पर ही उपचार शुरू कर दिया जाता, तो मरीज के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। इस लापरवाही के कारण अन्य मरीजों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रदीप कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री और सीएमओ को शिकायत पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही से भविष्य में अन्य मरीजों को भी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। प्रदीप ने सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा से अनुरोध किया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए। सीएमओ ने आश्वासन दिया है कि शिकायत के आधार पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा के महत्व को उजागर करता है। ऐसे मामलों में लापरवाही से न केवल मरीजों की जान को खतरा होता है, बल्कि इससे स्वास्थ्य प्रणाली पर भी सवाल उठते हैं। प्रदीप की शिकायत से यह स्पष्ट होता है कि मरीजों को सही और सटीक जानकारी मिलना कितना आवश्यक है, ताकि उन्हें उचित उपचार मिल सके।









