Unique Safety Measures for Kanwariyas: यूपी पुलिस की 'ड्रैगन लाइट' तकनीक से होगी सुरक्षा

मुरादाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने एक नई तकनीक का सहारा लिया है। सावन के महीने में कांवड़ियों की सुरक्षा
मुरादाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने एक नई तकनीक का सहारा लिया है। सावन के महीने में कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुरादाबाद पुलिस ने 10 सूमो गाड़ियों को 'कांवड़ मोबाइल' के रूप में तैयार किया है। इन गाड़ियों में ड्रैगन (सर्च) लाइटें लगाई गई हैं, जो तेंदुओं के हमलों से बचाने में मदद करेंगी। मुरादाबाद के दिल्ली-लखनऊ हाईवे के आसपास तेंदुओं की बढ़ती मौजूदगी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पुलिस अधिकारियों ने वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत के बाद यह जानकारी प्राप्त की थी कि तेज रोशनी और लाउडस्पीकर की आवाज से तेंदुए डरते हैं। इसलिए इन गाड़ियों में भगवान शिव, त्रिशूल, डमरू, गंगा नदी और पूजा करते श्रद्धालुओं के चित्र बनाए गए हैं। प्रत्येक वाहन में छह हाईपावर सर्च लाइटें, लाउडस्पीकर और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
इसके अलावा, इन गश्ती वाहनों की मौजूदगी से हाईवे पर अनारक्षित लेन पर तेज गति से वाहन चलाने वालों पर भी अंकुश लगाया जाएगा। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि अमरोहा और रामपुर के बीच हाईवे के लगभग 35 किलोमीटर क्षेत्र में इन कांवड़ मोबाइल वाहनों की नियमित गश्त कराई जाएगी। इसके साथ ही, अमरोहा में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर 56 किलोमीटर के एरिया में 30 जुलाई से 28 अगस्त तक भारी वाहनों की गति अधिकतम 30 किमी प्रति घंटा और हल्के वाहनों की गति 40 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। इसके लिए रास्ते में तीन जगह स्पीड राडार गन लगाई जाएंगी, ताकि तेज गति पर चालान किया जा सके।









