Uttar Pradesh: 4 साल से उप खनिजों की रॉयल्टी फंसी, लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने CM योगी से लगाई हस्तक्षेप की गुहार

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक उप खनिजों जैसे गिट्टी, स्टोन डस्ट और रेत पर देय रॉ
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक उप खनिजों जैसे गिट्टी, स्टोन डस्ट और रेत पर देय रॉयल्टी का भुगतान पिछले चार वर्षों से लंबित है। इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश ठेकेदार कल्याण समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। समिति का कहना है कि वर्ष 2022 से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी और स्पष्ट निर्णय न होने के कारण प्रदेश भर के ठेकेदार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ठेकेदारों का कहना है कि रॉयल्टी के भुगतान में देरी से उनके निर्माण कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है और इससे उन्हें अनावश्यक वित्तीय और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
समिति के अध्यक्ष शरद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में प्रमुख अभियंता (विकास एवं विभागाध्यक्ष) लोक निर्माण विभाग और शासन के पूर्व में जारी पत्रों का उल्लेख करते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर पिछले चार वर्षों से लगातार पत्राचार और अनुरोध किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग और शासन स्तर पर कई बार इस मामले को उठाया गया है, फिर भी कोई प्रगति नहीं हुई है। इससे निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों के भुगतान में देरी हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो रही है।
समिति ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर रॉयल्टी भुगतान के लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए। इससे प्रदेश के ठेकेदारों को राहत मिलेगी और विकास कार्य भी सुचारू रूप से चल सकेंगे। ठेकेदारों का मानना है कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो इससे न केवल उनके व्यवसाय पर असर पड़ेगा, बल्कि प्रदेश के विकास कार्य भी प्रभावित होंगे। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देंगे और ठेकेदारों की समस्याओं का समाधान करेंगे।









