Tourism Milestone in Uttarakhand: विदेशी पर्यटकों की संख्या में 17 गुना वृद्धि

उत्तराखंड राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि देखी है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 की तुलना में विदेशी पर्यटको
उत्तराखंड राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि देखी है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 की तुलना में विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 17 गुना वृद्धि हुई है। यह वृद्धि न केवल राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम सफल हो रहे हैं। घरेलू पर्यटकों की संख्या भी इस दौरान छह करोड़ से अधिक पहुंच गई है, जो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस वृद्धि को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रदेशवासियों की मेहनत और समर्पण का भी परिणाम है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत ने राज्यसभा में महेंद्र भट्ट के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या में यह वृद्धि कई योजनाओं का परिणाम है, जिनमें चारधाम यात्रा और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली योजनाएं शामिल हैं। भट्ट ने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड तेजी से वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विशेष प्राथमिकता और मुख्यमंत्री धामी की नीतियों के कारण पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा आई है। यह न केवल राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।
भट्ट ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य गठन के समय से ही उत्तराखंड को एक प्रमुख पर्यटन हब बनाने का लक्ष्य रखा गया था, और अब यह लक्ष्य धीरे-धीरे साकार होता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों की मेहनत, बेहतर आतिथ्य सेवाएं और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड न केवल देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा। इस प्रकार, उत्तराखंड का पर्यटन क्षेत्र न केवल आर्थिक विकास में सहायक होगा, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को भी संरक्षित करने में मदद करेगा।









